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जयपुर: चालान के बदले कॉन्स्टेबल लेता था रिश्वत, पंक्चर वाले के QR कोड का करता था इस्तेमाल

जयपुर: चालान के बदले कॉन्स्टेबल लेता था रिश्वत, पंक्चर वाले के QR कोड का करता था इस्तेमाल

जयपुर में यातायात कॉन्स्टेबल चालान न काटने के बदले पंक्चर वाले के QR कोड से रिश्वत लेता था, पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया।

जयपुर : यातायात पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि जयपुर यातायात पुलिस का एक कॉन्स्टेबल चालान नहीं काटने के बदले रिश्वत लेता था और इस रिश्वत को लेने के लिए उसने एक अनोखा तरीका अपना रखा था। कॉन्स्टेबल खुद पैसे लेने के बजाय पास ही वाहनों के पंक्चर बनाने वाले को यह काम सौंप देता था। इतना ही नहीं, वह ऑनलाइन भुगतान के लिए भी पंक्चर बनाने वाले के क्यूआर कोड का इस्तेमाल करता था, ताकि रिश्वत का लेनदेन सीधे उसके खाते में दिखाई न दे। मामले का खुलासा होने पर पुलिस ने कॉन्स्टेबल और पंक्चर बनाने वाले दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार को दोनों को जयपुर जिला न्यायालय में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।

बजाज नगर पुलिस थाना प्रभारी पूनम चौधरी ने बताया कि अवैध वसूली के इस मामले में कॉन्स्टेबल भवानी सिंह और मोहम्मद मुस्ताक को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें यह खबर मुखबिर से मिली थी कि यातायात नियम तोड़ने वालों से वसूले जाने वाले जुर्माने के नाम पर रिश्वत ली जा रही है। शिकायत की पुष्टि होने पर टीम ने दोनों को रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई। जांच से पता चला कि भवानी सिंह नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों को रोकता था और चालान काटने की बात कहता था। जब वाहन चालक चालान से बचने के लिए पैसे देने को तैयार हो जाते, तो वह सीधे पैसे लेने के बजाय मोहम्मद मुस्ताक को पैसे देने को कहता था। कई बार वह ऑनलाइन भुगतान के लिए पंक्चर बनाने वाले के क्यूआर कोड का उपयोग करवाता था, ताकि रिश्वत का कोई सीधा सबूत उसके नाम पर दर्ज न हो।

पुलिस का कहना है कि यह तरीका काफी समय से अपनाया जा रहा था और कई वाहन चालकों से इस प्रकार पैसा वसूला गया है। जांच अब इस दिशा में भी आगे बढ़ रही है कि क्या इस मामले में कोई और व्यक्ति शामिल था या यह पूरी योजना केवल दोनों की मिलीभगत से चलाई जा रही थी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस तरह के लेनदेन का पैटर्न कितनी देर से चल रहा था और कितने लोगों से पैसा वसूला गया है।

इस घटना ने जयपुर शहर में यातायात पुलिस की छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि कानून तोड़ने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय यदि पुलिस से जुड़े लोग ही अवैध वसूली में शामिल होंगे तो आम नागरिकों का भरोसा टूटता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विभाग में भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।

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Category: rajasthan jaipur crime

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