कचहरी क्षेत्र में कलर-कोडेड पार्किंग व्यवस्था लागू, अधिवक्ताओं को निःशुल्क पार्किंग पास वितरण शुरू
दिनांक 12-02-2026 को पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी की पहल पर कचहरी क्षेत्र में अव्यवस्थित पार्किंग से उत्पन्न जाम की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। क्षेत्र में कलर-कोडेड पार्किंग व्यवस्था लागू करते हुए अधिवक्ताओं को निःशुल्क वाहन पार्किंग पास वितरित करने की शुरुआत की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस आयुक्त द्वारा स्वयं अधिवक्ताओं के वाहनों पर पार्किंग पास चस्पा कर किया गया।
अधिवक्ताओं को चरणबद्ध तरीके से मिलेगा पास
इस व्यवस्था के तहत में पंजीकृत अधिवक्ताओं को उनके COP नंबर के आधार पर निःशुल्क पार्किंग पास उपलब्ध कराए जाएंगे। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सेन्ट्रल बार एसोसिएशन में 7637 तथा बनारस बार एसोसिएशन में 5604 अधिवक्ता पंजीकृत हैं। सभी पात्र अधिवक्ताओं को सुव्यवस्थित और पारदर्शी प्रणाली के तहत चरणबद्ध रूप से पास वितरित किए जा रहे हैं।
रंग आधारित पार्किंग से होगा स्पष्ट विभाजन
नई व्यवस्था के अंतर्गत पार्किंग स्थलों का स्पष्ट चिन्हांकन किया गया है। हरी पट्टी के भीतर दोपहिया वाहनों की पार्किंग तथा पीली पट्टी के भीतर चारपहिया वाहनों की पार्किंग निर्धारित की गई है। इससे पार्किंग का सुव्यवस्थित विभाजन सुनिश्चित होगा और अव्यवस्था की स्थिति में कमी आएगी।
अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई
निर्धारित पार्किंग व्यवस्था के अतिरिक्त यदि कोई वाहन सड़क पर अवैध रूप से खड़ा पाया जाता है तो उसे हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इस कदम से कचहरी क्षेत्र में अतिक्रमण मुक्त मार्ग सुनिश्चित होगा और आमजन के आवागमन में आ रही बाधाएं दूर होंगी। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य यातायात को सुरक्षित, सुचारू और निर्बाध बनाना है।
मल्टीलेवल पार्किंग में बढ़ेगी क्षमता
मल्टीलेवल पार्किंग में एक सप्ताह के भीतर शीर्ष तल पर भी पार्किंग व्यवस्था लागू की जाएगी। इससे लगभग 500 अतिरिक्त वाहनों की पार्किंग की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। अधिकारियों का मानना है कि इस अतिरिक्त क्षमता से क्षेत्र में जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी।
कार्यक्रम में रहे कई अधिकारी मौजूद
कार्यक्रम के दौरान दोनों बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, वरिष्ठ अधिवक्ता तथा अपर पुलिस उपायुक्त यातायात सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे कचहरी क्षेत्र में यातायात प्रबंधन की दिशा में एक प्रभावी कदम बताया।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था पारदर्शी, सुरक्षित और दीर्घकालिक समाधान के उद्देश्य से लागू की गई है, ताकि अधिवक्ताओं और आम नागरिकों दोनों को सुगम यातायात सुविधा मिल सके।
