कथित उत्पीड़न और लंबित मांगों को लेकर आज धरना देंगे सदर तहसील के लेखपाल
वाराणसी में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की सदर तहसील इकाई की बैठक बुधवार को आयोजित की गई, जिसमें 12 फरवरी से तहसील परिसर में प्रस्तावित धरना प्रदर्शन को लेकर रणनीति पर चर्चा हुई। संघ पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि लेखपालों की लंबित मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है और कार्य परिस्थितियां प्रतिकूल होती जा रही हैं। इसी के विरोध में आज से तहसील परिसर में धरना शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
रोशन प्रजापति प्रकरण बना प्रमुख मुद्दा
बैठक में लेखपाल रोशन प्रजापति का मामला प्रमुख रूप से उठाया गया। संघ के अनुसार, वह अपनी पत्नी की गंभीर बीमारी के इलाज के लिए अवकाश पर गए थे। आरोप है कि अवकाश स्वीकृति के दौरान उनसे कथित तौर पर कहा गया कि यदि इलाज कराना है तो नौकरी से इस्तीफा दें। संघ ने इस कथन को असंवेदनशील बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई और इसे कर्मचारी हितों की उपेक्षा करार दिया।
संघ पदाधिकारियों का यह भी आरोप है कि कई बार असमय ऑनलाइन बैठकें आयोजित की जाती हैं और अवकाश के दिनों में भी कार्य कराया जाता है, जिससे कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव बनता है।
रिक्त पदों और अटैचमेंट पर भी उठे सवाल
बैठक में सदर तहसील में लेखपालों की संख्या को लेकर भी चिंता जताई गई। बताया गया कि कुल 161 पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में केवल 146 लेखपाल कार्यरत हैं। इनमें से भी 25 लेखपालों को कार्यालय या अन्य विभागों में अटैच कर दिया गया है, जिससे फील्ड कार्य प्रभावित हो रहा है।
संघ ने मांग की है कि रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए और अटैचमेंट की व्यवस्था की समीक्षा की जाए, ताकि राजस्व कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सके। धरना प्रदर्शन के माध्यम से लेखपाल अपनी मांगों को प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास करेंगे।
