कुरुक्षेत्र जिला जेल में कैदियों का मोबाइल वीडियो वायरल, जांच में बड़ा खुलासा
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिला जेल से कैदियों द्वारा मोबाइल फोन के जरिए बनाए गए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का मामला सामने आया है। इस घटना ने जेल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अंबाला पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि ये वीडियो जेल के अंदर ही शूट किए गए थे और बाद में उन्हें इंटरनेट मीडिया पर अपलोड किया गया।
अंबाला पुलिस की जांच में हुआ खुलासा
इस मामले की जांच अंबाला पुलिस द्वारा की गई, जिसमें यह पुष्टि हुई कि वायरल वीडियो कुरुक्षेत्र जिला जेल के अंदर ही बनाए गए थे। जांच के दौरान सामने आया कि इन वीडियो को 30 दिसंबर 2024 को इंस्टाग्राम पर अपलोड किया गया था। वीडियो अपलोड करने वाला आरोपी बंबीहा गैंग से जुड़ा बताया जा रहा है।
बंबीहा गैंग से जुड़े आरोपी ने किए वीडियो अपलोड
पुलिस के अनुसार, इन वीडियो को बंबीहा गैंग के आरोपी दिलबर ने अपनी इंस्टाग्राम आईडी पर अपलोड किया था। उसके साथी अंकित ढांडा ने भी इन वीडियो को साझा किया। दिलबर के खिलाफ हत्या, लूट, अपहरण और आर्म्स एक्ट के तहत कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं।
जेल के अंदर से अपराध को बढ़ावा देने की कोशिश
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने जेल के अंदर के दृश्य दिखाकर युवाओं को अपराध की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया। सोशल मीडिया के माध्यम से इस तरह के वीडियो का प्रसार समाज के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।
2025 में हुई गिरफ्तारी, रिकॉर्ड से हुआ मिलान
अंबाला पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 24 नवंबर 2025 को आरोपी दिलबर को गिरफ्तार किया था। इसके बाद जांच के दौरान वायरल वीडियो को जेल रिकॉर्ड से मिलाया गया। जांच में स्पष्ट हुआ कि यह वीडियो केंद्रीय जेल अंबाला के नहीं, बल्कि कुरुक्षेत्र जिला जेल के हैं।
कुरुक्षेत्र पुलिस को सौंपा गया मामला
रिकॉर्ड के अनुसार, दिलबर वर्ष 2023 से 2024 के बीच कुरुक्षेत्र जेल में बंद रहा था। इसी आधार पर अंबाला पुलिस ने मामला कुरुक्षेत्र पुलिस को ट्रांसफर कर दिया। थाना शहर थानेसर में दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
वीडियो में कई कैदी आए नजर
वायरल वीडियो में जेल बैरक के अंदर करीब सात से आठ कैदी दिखाई दे रहे हैं। यह तथ्य जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है कि आखिर कैदियों के पास मोबाइल फोन कैसे पहुंचा और उन्होंने बिना रोक-टोक वीडियो कैसे बना लिए।
जेल सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस पूरे मामले ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर किया है। अब जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि मोबाइल फोन जेल के अंदर कैसे पहुंचे और क्या इसमें किसी अंदरूनी व्यक्ति की मिलीभगत थी।
पुलिस जांच जारी
फिलहाल पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
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