लखनिया दरी जलप्रपात पर सैलानियों से मारपीट का वीडियो वायरल, पार्किंग वसूली को लेकर विवाद
मीरजापुर जनपद के अहरौरा क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल लखनिया दरी जलप्रपात एक बार फिर विवादों में आ गया है। यहां सैलानियों और पार्किंग ठेकेदार के कर्मचारियों के बीच मारपीट का मामला सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं।
पार्किंग शुल्क को लेकर हुआ विवाद
वायरल वीडियो के संबंध में सैलानियों का आरोप है कि पार्किंग के नाम पर सड़क पर ही अवैध वसूली की जा रही थी। उनका कहना है कि मौके पर कोई निर्धारित पार्किंग स्थल चिन्हित नहीं किया गया है, बावजूद इसके कर्मचारियों द्वारा जबरन शुल्क वसूला जा रहा था। जब कुछ सैलानियों ने इसका विरोध किया, तो ठेकेदार के कर्मचारियों ने उनके साथ अभद्रता करते हुए मारपीट शुरू कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद कुछ ही देर में बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच हाथापाई की स्थिति बन गई। इस दौरान मौके पर मौजूद अन्य पर्यटकों में भी भय और आक्रोश का माहौल बन गया।
मूलभूत सुविधाओं की कमी पर भी उठे सवाल
सैलानियों ने यह भी आरोप लगाया कि पर्यटन स्थल पर मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। न तो व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था है और न ही पेयजल, शौचालय या सुरक्षा जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। ऐसे में पर्यटकों को असुविधा का सामना करना पड़ता है और ऊपर से अवैध वसूली की शिकायतें स्थिति को और खराब कर देती हैं।
वन विभाग ने ठेका बताया वैध, जांच के दिए संकेत
इस मामले में वन क्षेत्राधिकारी हिमांशु श्रीवास्तव ने बताया कि पार्किंग का ठेका वन विभाग द्वारा विधिवत तरीके से जारी किया गया है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि ठेकेदार के खिलाफ पहले से कई शिकायतें मिल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस को नहीं मिली तहरीर, कार्रवाई लंबित
वहीं अहरौरा थाना प्रभारी अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि अभी तक इस मामले में कोई लिखित शिकायत (तहरीर) प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि तहरीर मिलने के बाद ही विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले पर नजर बनाए हुए है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
स्थानीय लोगों और पर्यटकों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी लखनिया दरी और जिले के अन्य पर्यटन स्थलों पर पार्किंग वसूली को लेकर विवाद और मारपीट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। बावजूद इसके, प्रभावी कार्रवाई न होने से इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति हो रही है।
पर्यटकों में आक्रोश, बेहतर व्यवस्था की मांग
घटना के बाद सैलानियों में खासा आक्रोश है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पर्यटन स्थलों पर सुव्यवस्थित पार्किंग, पारदर्शी शुल्क प्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
पर्यटन छवि पर पड़ रहा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं जिले की पर्यटन छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं। लखनिया दरी जलप्रपात जैसे प्राकृतिक स्थल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, लेकिन अव्यवस्था और दुर्व्यवहार के कारण पर्यटक खराब अनुभव लेकर लौटते हैं।
यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया, तो इसका असर पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ सकता है। प्रशासन के लिए यह जरूरी हो गया है कि वह इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ठोस कदम उठाए।
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