लखनऊ: गोमतीनगर स्थित विभूतिखंड थाने के बगल में निर्माणाधीन सात मंजिला होटल ताज परिसर में शुक्रवार शाम उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब होटल के बेसमेंट में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि बेसमेंट में काम कर रहे करीब 200 श्रमिक घने काले धुएं के बीच फंस गए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि होटल के ऊपरी तलों पर कार्यरत अन्य श्रमिकों की सूझबूझ और तत्परता से सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन आग और धुएं के कारण लंबे समय तक स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी रही।
बताया गया कि निर्माणाधीन होटल में तीन बेसमेंट बी 1, बी 2 और बी 3 बनाए जा रहे हैं, जबकि ऊपर चार मंजिलों का ढांचा तैयार है। शुक्रवार शाम करीब चार बजे बी 3 बेसमेंट में वायरिंग और पत्थर टाइल्स काटने का काम चल रहा था। इसी दौरान मशीन से निकली चिंगारी पास में रखे ज्वलनशील सामान के संपर्क में आ गई, जिससे आग ने अचानक विकराल रूप ले लिया। डेकोरेशन से जुड़े सामान और अन्य ज्वलनशील पदार्थ मौजूद होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और कुछ ही मिनटों में पूरे बेसमेंट में काले धुएं का गुबार भर गया।
आग लगते ही होटल के अंदर अंधेरा छा गया और कई जगहों से तेज आवाजों के साथ छोटे धमाके सुनाई देने लगे। अचानक बदले हालात से श्रमिक बुरी तरह घबरा गए और धुएं के कारण सांस लेना मुश्किल हो गया। बेसमेंट में फंसे मजदूर बाहर निकलने का रास्ता तलाशते रहे, इसी बीच दूसरे और ऊपरी तलों पर काम कर रहे श्रमिकों ने साहस दिखाते हुए उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। सूचना मिलते ही मुख्य अग्निशमन अधिकारी अंकुश मित्तल के नेतृत्व में इंदिरानगर, गोमतीनगर, चौक और हजरतगंज फायर स्टेशनों से दमकल की 13 गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं।
दमकल कर्मियों के लिए आग बुझाने का काम आसान नहीं था। बी 1 बेसमेंट से उठ रहे घने काले धुएं के कारण अंदर घुसते ही सांस लेने में दिक्कत होने लगी। हालात को देखते हुए दमकल कर्मियों ने तुरंत ब्रीथिंग ऑपरेटिंग सेट पहनकर मोर्चा संभाला। पहले स्मोक एग्जॉस्ट की मदद से धुएं को बाहर निकाला गया, ताकि आग के केंद्र तक पहुंचा जा सके। इसके बाद लगातार पानी और फोम की बौछार कर आग पर काबू पाने की कोशिश की गई।
एहतियात के तौर पर पुलिस प्रशासन ने मौके पर करीब छह एंबुलेंस मंगवाईं। बेसमेंट से बाहर निकाले गए श्रमिकों को पास की दुकानों से पानी और प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई गई, जिससे कुछ समय बाद उनकी हालत सामान्य हो सकी। सुरक्षा कारणों से होटल के दोनों ओर की सड़कों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया, ताकि राहत और बचाव कार्य में कोई बाधा न आए।
करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रात करीब नौ बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। इंस्पेक्टर अमर सिंह के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह मशीन से निकली चिंगारी मानी जा रही है, हालांकि घटना के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी। सीएफओ अंकुश मित्तल ने स्पष्ट किया कि इस हादसे में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। समय रहते आग पर नियंत्रण और श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिए जाने से एक बड़ा हादसा टल गया।
