बिहार: पटना में नीट छात्रा हत्याकांड पर मुखर सांसद पप्पू यादव देर रात हुए गिरफ्तार

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Sandeep Srivastava
Sandeep Srivastava serves as a Sub Editor at News Report, a registered Hindi newspaper dedicated to ethical, accurate, and reader-focused journalism. He is responsible for copy...
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पटना के मंदिरी स्थित आवास पर पुलिस ने पप्पू यादव को 31 साल पुराने संपत्ति विवाद में गिरफ्तार किया।

बिहार: प्रदेश की राजधानी पटना में शुक्रवार देर रात उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब नीट छात्रा की हत्या के मामले को लेकर लगातार पुलिस प्रशासन और सरकार पर हमलावर रहे पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव के आवास पर पुलिस पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पटना के मंदिरी स्थित उनके आवास पर की गई, जहां देर रात अचानक पुलिस के पहुंचने से माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस का कहना है कि यह गिरफ्तारी किसी हालिया बयान या आंदोलन से नहीं, बल्कि करीब तीन दशक पुराने एक संपत्ति विवाद से जुड़े मामले में कोर्ट के आदेश के तहत की गई है। वहीं, सांसद के समर्थकों का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव और बदले की भावना से प्रेरित है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पप्पू यादव पर 31 वर्ष पुराने एक मामले में धोखे से मकान किराये पर लेने और बाद में उसे कार्यालय के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप है। यह मामला वर्ष 1995 से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि इस केस में कोर्ट द्वारा पहले ही कुर्की जब्ती का आदेश जारी किया जा चुका था, लेकिन पप्पू यादव तय तारीख पर अदालत में पेश नहीं हुए। इसके बाद कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी का वारंट जारी किया, जिसे तामील कराने के लिए पुलिस उनके आवास पर पहुंची। पुलिस का यह भी कहना है कि यह पूरी कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की गई है और इसका किसी अन्य मामले से सीधा संबंध नहीं है।

गिरफ्तारी की खबर फैलते ही पप्पू यादव के आवास के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ जुट गई। समर्थकों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और इसे लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कोशिश बताया। आवास के अंदर और बाहर देर रात तक गहमागहमी का माहौल बना रहा। पुलिस को स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा। इस बीच पप्पू यादव ने पटना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह नीट छात्रा हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं, जो सरकार और पुलिस प्रशासन को रास नहीं आ रहा है। उनका आरोप है कि इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है और पटना पुलिस उन्हें मरवाना चाहती है।

पप्पू यादव ने यह भी आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के दौरान पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बदतमीजी की। उन्होंने दावा किया कि सिविल ड्रेस में दीपक नाम के एक दारोगा ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। सांसद ने कहा कि पुलिस 35 साल पुराने किसी मामले का हवाला दे रही है, जबकि वह लंबे समय से जमानत पर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें इन दोनों पर भरोसा है और वे इस तरह की कार्रवाई का समर्थन नहीं कर सकते।

मौके पर मौजूद पप्पू यादव के वकील ने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। वकील का कहना है कि मामला वर्ष 1995 का है और पप्पू यादव पहले से ही उसमें जमानत पर थे। उनके अनुसार, पुलिस जिन कागजातों का हवाला दे रही है, उनमें कुर्की जब्ती की बात दर्ज है, न कि तत्काल गिरफ्तारी की। वकील ने दावा किया कि पप्पू यादव को अदालत में पेश होना था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पहुंच गई, जो प्रक्रिया के विपरीत है।

गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी पटना पुलिस और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि बिहार पुलिस एक युवा उद्यमी की हत्या के आरोपी को पकड़ने में नाकाम रही, लेकिन उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पांच थानों की पुलिस लेकर पहुंच गई। उन्होंने नीट छात्रा को न्याय दिलाने की लड़ाई को जारी रखने की बात कहते हुए साफ किया कि गिरफ्तारी या जेल उन्हें चुप नहीं करा सकती। पप्पू यादव के इन बयानों के बाद मामला और अधिक राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है, वहीं राज्य की राजनीति में इस कार्रवाई को लेकर नई बहस छिड़ गई है।

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