लखनऊ के केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में इस समय 10 दिवसीय खादी महोत्सव चर्चा का केंद्र बना हुआ है। महोत्सव में रोज बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं, लेकिन खास बात यह है कि इसमें युवाओं की दिलचस्पी पिछले वर्षों की तुलना में काफी बढ़ी है। छात्र और युवा प्रोफेशनल्स यहां डिजाइनर खादी के कपड़े खरीदते नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि खादी अब सिर्फ पारंपरिक पहनावा नहीं रहा, बल्कि फैशन और कंफर्ट दोनों का उत्तम मेल बन चुका है।
महोत्सव में लगाए गए स्टॉलों पर काम कर रहे बुनकरों के अनुसार बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। कई कारीगरों ने बताया कि पिछले सालों की तुलना में इस बार उनकी कमाई 2 से 3 गुना तक बढ़ी है। इसके पीछे बड़ी वजह इलेक्ट्रिक चरखे हैं, जिन्होंने कताई की रफ्तार और दक्षता दोनों को आगे बढ़ाया है। इलेक्ट्रिक चरखे से सूत कात रहीं सुनीता बताती हैं कि पहले लकड़ी के चरखे से महीनों मेहनत करने के बाद मुश्किल से दस हजार रुपये मिलते थे, लेकिन अब आठ घंटे के काम में 20 से 30 हजार रुपये आसानी से जुटा पा रही हैं। वे मौके पर ही लोगों को कपड़ा बनाकर दे रही हैं, जो आगंतुकों के लिए आकर्षण का विषय बना हुआ है।
दूसरी ओर कानपुर के हस्तशिल्प कारीगर धीरेंद्र द्विवेदी ने बताया कि खादी में डिजाइनिंग का दायरा तेजी से बढ़ा है। एनआईएफटी डिजाइनिंग और आधुनिक फैशन ट्रेंड को शामिल कर खादी अब पूरी तरह से युवा पीढ़ी के स्वाद के अनुसार ढल चुकी है। एयरपोर्ट आउटलेट्स पर विदेशी पर्यटक भी खादी की खरीदारी खूब कर रहे हैं। खादी के कपड़े 150 रुपये से लेकर 4000 रुपये तक की रेंज में उपलब्ध हैं। धीरेंद्र के अनुसार उनके साथ लगभग 500 लोग जुड़े हैं जो खादी उद्योग से रोजगार पा रहे हैं।
महोत्सव में आए ग्राहक खादी की आरामदायक प्रकृति की खूब तारीफ कर रहे हैं। अवधेश प्रताप ने बताया कि वे पिछले 35 वर्षों से सिर्फ खादी पहनते हैं क्योंकि यह शरीर के लिए बेहद आरामदायक और स्वास्थ्यप्रद कपड़ा है। उनका कहना है कि अब खादी हल्के और मोटे दोनों धागों में उपलब्ध है और फैशनेबल शर्ट, सदरी, साड़ी और महिलाओं के परिधानों में भी इसकी बेहतरीन वैराइटी मिल रही है।
महोत्सव में केवल कपड़े ही नहीं, बल्कि स्वदेशी उत्पाद भी खूब बिक रहे हैं। नीम की कंघी बनाने वाले कारीगर राकेश शुक्ला बताते हैं कि उनकी कंघियां बालों के झड़ने से लेकर सिर की कई समस्याओं को कम करती हैं। यह 150 रुपये से 1000 रुपये तक की रेंज में उपलब्ध है।
धनतेरस और दीपावली के बाद अब इस महोत्सव ने शहर में स्वदेशी उत्पादों की चमक और भी बढ़ा दी है। यहां 160 से अधिक कारीगर और उद्यमी अपने उत्पाद प्रदर्शित कर रहे हैं। बनारसी साड़ी, उत्तराखंड की टोपी, वुलेन शॉल, सूट, लकड़ी से बने उत्पाद और खादी की आधुनिक रेंज आगंतुकों को खूब आकर्षित कर रही है। महोत्सव 30 नवंबर तक चलेगा।
लखनऊ में खादी महोत्सव, युवाओं की बढ़ती दिलचस्पी से बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर

लखनऊ के खादी महोत्सव में युवा वर्ग आधुनिक डिजाइनर खादी की ओर आकर्षित हो रहा है जिससे बुनकरों की आय में भारी वृद्धि हुई है।
Category: uttar pradesh lucknow fashion
LATEST NEWS
-
जापान में 7.2 तीव्रता का भूकंप, उत्तरी तट पर सुनामी अलर्ट जारी, लोगों में दहशत
जापान के उत्तरी तट पर 7.2 तीव्रता का भूकंप, तटीय क्षेत्रों में 3 मीटर तक ऊंची सुनामी लहरों की चेतावनी जारी की गई है।
BY : SANDEEP KR SRIVASTAVA | 08 Dec 2025, 09:09 PM
-
वाराणसी: समाजसेवी अम्बरीष सिंह भोला ने अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी के खिलाफ दर्ज कराई FIR
वाराणसी में समाजसेवी अम्बरीष सिंह भोला ने पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर व नूतन पर सोशल मीडिया पर मानहानि का केस किया।
BY : SANDEEP KR SRIVASTAVA | 08 Dec 2025, 07:53 PM
-
वाराणसी: मंदिरों में उगाही पर पुलिस का सख्त एक्शन, दो दिन में 43 दलाल गिरफ्तार
काशी विश्वनाथ व काल भैरव मंदिरों में श्रद्धालुओं से उगाही के आरोप में पुलिस ने दूसरे दिन 17 दलालों को गिरफ्तार किया.
BY : SANDEEP KR SRIVASTAVA | 08 Dec 2025, 06:59 PM
-
वाराणसी: कफ सिरप तस्करी का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, 7 करोड़ के रैकेट में 2 गिरफ्तार
वाराणसी में पुलिस ने फर्जी कागजातों से ड्रग लाइसेंस लेकर करोड़ों के अवैध कफ सिरप की तस्करी करने वाले दो मुख्य कारोबारियों को गिरफ्तार किया।
BY : SANDEEP KR SRIVASTAVA | 08 Dec 2025, 06:57 PM
-
काशी तमिल संगमम् के चौथे समूह ने किया काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन, भव्य स्वागत
काशी तमिल संगमम् के चौथे समूह ने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन किया, जहां भव्य स्वागत और पारंपरिक रीति-रिवाजों से अभिनंदन हुआ।
BY : Palak Yadav | 08 Dec 2025, 02:43 PM
