वाराणसी: पिसौर क्षेत्र में स्थित एक प्राथमिक विद्यालय उस समय आक्रोश और तनाव का केंद्र बन गया जब विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर छात्राओं से छेड़खानी करने का गंभीर आरोप सामने आया। सोमवार की सुबह जैसे ही यह बात क्षेत्र में फैली वैसे ही ग्रामीणों और छात्राओं के परिजन बड़ी संख्या में विद्यालय परिसर में जुटने लगे। देखते ही देखते स्कूल का माहौल पूरी तरह बदल गया और पढ़ाई का स्थान विरोध और आक्रोश का मंच बन गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में पढ़ने वाली तीन छात्राओं के साथ प्रधानाध्यापक ने अशोभनीय हरकत की। बताया जा रहा है कि यह घटना शनिवार की है। उस दिन बच्चों ने घर जाकर परिजनों को आपबीती बताई जिसके बाद पूरे गांव में आक्रोश फैल गया। रविवार को विद्यालय बंद होने के कारण लोग पूरे दिन प्रधानाध्यापक के आने का इंतजार करते रहे। सोमवार की सुबह से ही ग्रामीण और परिजन विद्यालय के बाहर जमा हो गए और प्रधानाध्यापक के पहुंचते ही विरोध शुरू हो गया।
सुबह करीब नौ बजे जैसे ही प्रधानाध्यापक विद्यालय पहुंचे वैसे ही नाराज लोगों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि इस दौरान प्रधानाध्यापक के साथ मारपीट भी की गई और उन्हें विद्यालय के अंदर ही बंधक बना लिया गया। आक्रोशित लोगों ने नारेबाजी करते हुए पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कुछ समय के लिए इलाके में अफरा तफरी का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया। डीसीपी वरुणा जोन एसीपी रोहनिया और एसीपी कैंट के साथ तीन थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। भारी पुलिस बल को देखकर भीड़ और उग्र हो गई लेकिन अधिकारियों ने संयम से काम लेते हुए लोगों को समझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रण में लिया गया।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। विद्यालय जैसे स्थान पर इस तरह के आरोप न केवल शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं बल्कि समाज को भी झकझोर देते हैं। ग्रामीणों ने मांग की कि आरोपी प्रधानाध्यापक को तत्काल निलंबित कर उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि पीड़ित छात्राओं को न्याय मिल सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। पीड़ित छात्राओं और परिजनों के बयान दर्ज कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। फिलहाल विद्यालय परिसर में पुलिस तैनात कर दी गई है ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति दोबारा न बने। यह घटना न केवल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है बल्कि विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर चिंता भी पैदा कर रही है।
