महाशिवरात्रि पर्व को लेकर वाराणसी में प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दिनांक 7 फरवरी 2026 को पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल द्वारा श्री काशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र का स्थलीय भ्रमण कर व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात संचालन, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त ने मंदिर क्षेत्र, आसपास के मार्गों, प्रवेश और निकास प्वाइंट, होल्डिंग एरिया और यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महाशिवरात्रि के दिन श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और दर्शन व्यवस्था पूरी तरह सुव्यवस्थित रहे। विशेष रूप से भीड़ प्रबंधन को लेकर प्रशासन ने महाकुंभ की तर्ज पर पलट प्रवाह मॉडल अपनाने का निर्णय लिया है, ताकि दर्शनार्थियों का आवागमन सुचारु और सुरक्षित बना रहे।
स्थलीय निरीक्षण के उपरांत पुलिस आयुक्त ने मंडलायुक्त वाराणसी मंडल एस. राजलिंगम और जिलाधिकारी वाराणसी सत्येन्द्र कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गोष्ठी कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में यह तय किया गया कि मंदिर और उसके आसपास पुलिस, पीएसी और अर्धसैनिक बलों की पर्याप्त तैनाती रहेगी। संवेदनशील स्थानों पर रूफटॉप ड्यूटी लगाई जाएगी और पूरे क्षेत्र पर सीसीटीवी कैमरों तथा ड्रोन के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जाएगी।
भीड़ नियंत्रण और दर्शन व्यवस्था को लेकर यह भी निर्देश दिए गए कि श्रद्धालुओं के सहज दर्शन के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए जाएं। महिला श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए महिला पुलिसकर्मियों की विशेष ड्यूटी लगाई जाएगी। मंदिर क्षेत्र में होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे और प्रवेश तथा निकास मार्ग पहले से निर्धारित रहेंगे, ताकि किसी भी स्थिति में अव्यवस्था न हो।
प्रतिबंधित वस्तुओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंदिर के प्रवेश द्वारों पर प्रतिबंधित वस्तुओं की स्पष्ट सूची प्रदर्शित की जाएगी और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह जगह बैगेज काउंटर बनाए जाएंगे। इससे सुरक्षा के साथ साथ दर्शन प्रक्रिया भी तेज और सुचारु बनी रहेगी।
यातायात व्यवस्था के संबंध में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया जाएगा। इसके तहत रूट डायवर्जन, वन वे और नो व्हीकल जोन की व्यवस्था रहेगी। बाहरी जनपदों से आने वाले वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही रोका जाएगा और सड़कों पर किसी भी तरह की अवैध पार्किंग नहीं होने दी जाएगी। मार्गों पर मजबूत बैरिकेडिंग और आवश्यकतानुसार बैरियर लगाए जाएंगे।
आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड, डॉग स्क्वाड और एम्बुलेंस टीमों को अलर्ट मोड में रखा गया है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा और मार्गदर्शन के लिए पीए सिस्टम के माध्यम से लगातार उद्घोषणा की जाएगी। पुलिस आयुक्त ने सभी पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के साथ विनम्र, सहयोगात्मक और संवेदनशील व्यवहार किया जाए।
प्रशासन का कहना है कि महाशिवरात्रि के अवसर पर काशी आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और शांतिपूर्ण दर्शन कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ लगातार तैयारियों में जुटे हुए हैं।
