महाशिवरात्रि पर काशी विश्वनाथ मंदिर में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम

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Savan Nayak
Savan Nayak is the Bureau Chief for Uttar Pradesh at News Report, a registered Hindi newspaper. He specializes in ground reporting on crime, law and order,...
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महाशिवरात्रि के लिए काशी विश्वनाथ मंदिर में पुलिस और प्रशासन की तैयारियां

सप्ताह भर बाद पड़ने वाले महाशिवरात्रि पर्व को लेकर वाराणसी प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी ने काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक का मुख्य उद्देश्य महाशिवरात्रि के दिन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन उपलब्ध कराना और सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद बनाना रहा। इसमें पुलिस प्रशासन के साथ साथ मंदिर प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में अनुमान जताया गया कि इस बार महाशिवरात्रि के अवसर पर करीब बीस लाख श्रद्धालु काशी पहुंच सकते हैं। इसे देखते हुए भीड़ प्रबंधन पर विशेष चर्चा की गई। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारु रखने के लिए अलग अलग रूट और बैरिकेडिंग की योजना बनाई गई। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि दर्शन के दौरान किसी भी श्रद्धालु को अनावश्यक परेशानी न हो और व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रित रहे।

सुरक्षा के दृष्टिकोण से व्यापक इंतजाम करने का निर्णय लिया गया। मंदिर परिसर के साथ साथ संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। सीसीटीवी कैमरों के जरिए चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी। इसके अलावा ड्रोन कैमरों से भीड़ पर नजर रखने की रणनीति तैयार की गई है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम और मेडिकल सहायता की व्यवस्था भी बैठक में तय की गई।

बैठक के बाद पुलिस कमिश्नर पुलिस कमिश्नर वाराणसी ने मंदिर क्षेत्र का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था दर्शन मार्ग साफ सफाई और अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी तैयारियां समय से पहले पूरी कर ली जाएं, ताकि पर्व के दिन किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी जिलाधिकारी वाराणसी ने सभी विभागों के अधिकारियों को अपने अपने क्षेत्रों में सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत समन्वय स्थापित कर उसका समाधान किया जाए। प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि महाशिवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं बल्कि आस्था और विश्वास का प्रतीक है, ऐसे में श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुखद अनुभव देना हम सभी की जिम्मेदारी है।

बैठक में मंदिर प्रशासन के साथ एक एक बिंदु पर चर्चा कर अंतिम रूपरेखा तैयार की गई। प्रशासन का कहना है कि इस बार की व्यवस्थाएं पहले से अधिक सुव्यवस्थित और तकनीक आधारित होंगी। महाशिवरात्रि के दिन काशी आने वाले श्रद्धालुओं को निर्बाध दर्शन और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।