मीरजापुर-रीवा हाईवे पर भीषण हादसा: ब्रेक फेल कंटेनर ने मचाई तबाही, दो चालकों की मौत
मीरजापुर-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें दो कंटेनर चालकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि खलासी समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और कोल्डड्रिंक की बोतलें सड़क पर बिखर गईं।
ब्रेक फेल होने से हुआ हादसा
यह दुर्घटना ड्रमंडगंज घाटी में शनिवार रात करीब 10:30 बजे हुई। जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के इंदौर से असम के गुवाहाटी जा रहा कोल्डड्रिंक लदा कंटेनर घाटी से नीचे उतरते समय अचानक ब्रेक फेल होने के कारण अनियंत्रित हो गया।
अनियंत्रित कंटेनर ने सबसे पहले आगे चल रही एक कार को पीछे से टक्कर मारी। हालांकि, गनीमत रही कि कार सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए। बताया जा रहा है कि कार सवार लोग मैहर से दर्शन कर सोनभद्र लौट रहे थे।
बाइक को रौंदते हुए दूसरे कंटेनर से टकराया
कार को टक्कर मारने के बाद कंटेनर की रफ्तार और बढ़ गई। उसने आगे चल रही एक बाइक को भी अपनी चपेट में ले लिया और करीब 400 मीटर तक अनियंत्रित गति से आगे बढ़ता रहा। इसके बाद बड़का मोड़ के पास एक अन्य कंटेनर में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि कंटेनर का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं, दूसरे कंटेनर भी डिवाइडर से टकराकर बुरी तरह प्रभावित हुआ।
दो चालकों की मौके पर मौत
इस दर्दनाक हादसे में दोनों कंटेनरों के चालकों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान 35 वर्षीय अरविंद कुमार (निवासी निस्बी, थाना मिलक, जिला रामपुर) और 50 वर्षीय लालता यादव (निवासी खुटिया, जिला चंदौली) के रूप में हुई है।
खलासी समेत तीन गंभीर रूप से घायल
हादसे के दौरान जान बचाने के प्रयास में कंटेनर से कूदने पर 21 वर्षीय खलासी हिम्मत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं बाइक सवार अजय कुमार बिंद और उनके छोटे भाई विजय कुमार बिंद (निवासी सोबरी सुभाष नगर, थाना ऊंज, जिला भदोही) भी गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों को तत्काल स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। विजय कुमार की हालत गंभीर बताई जा रही है।
सड़क पर बिखरा कोल्डड्रिंक, यातायात प्रभावित
हादसे के बाद कंटेनर में लदा कोल्डड्रिंक हाईवे पर बिखर गया, जिससे यातायात बाधित हो गया। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई और कुछ समय के लिए मार्ग पर जाम की स्थिति बन गई।
पुलिस ने शुरू की जांच
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। साथ ही दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
घाटी क्षेत्र में हादसों की पुनरावृत्ति
ड्रमंडगंज घाटी क्षेत्र में इस तरह के हादसे पहले भी हो चुके हैं। तेज ढलान और मोड़ों के कारण यहां ब्रेक फेल होने की घटनाएं आम हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में वाहनों की तकनीकी जांच और गति नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहन रखरखाव की अनदेखी के गंभीर परिणामों को सामने लाता है। प्रशासन और परिवहन विभाग के लिए यह जरूरी हो गया है कि ऐसे क्षेत्रों में सख्त निगरानी और सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं।
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