वाराणसी: सामाजिक सरोकारों से जुड़ी फिल्म ‘अस्सी’ के प्रचार-प्रसार के सिलसिले में अभिनेता मोहम्मद जीशान अय्यूब वाराणसी पहुंचे। अपने बेबाक अभिनय और गंभीर भूमिकाओं के लिए पहचाने जाने वाले जीशान अय्यूब ने इस दौरान फिल्म के उद्देश्य, उसकी संवेदनशील कहानी और वाराणसी से अपने आत्मीय रिश्ते को खुलकर साझा किया। उन्होंने कहा कि वाराणसी उनके पसंदीदा शहरों में से एक है और यहां आकर उन्हें हमेशा एक अलग ही सुकून और ऊर्जा का अनुभव होता है।
अभिनेता ने कहा, “वाराणसी मेरी पसंदीदा शहरों में से एक है। मुझे यहां आकर हमेशा बहुत अच्छा लगता है। यहां का माहौल, यहां के लोग और उनकी सोच मुझे बेहद प्रभावित करती है। जब भी यहां आने का मौका मिलता है, मन खुश हो जाता है। इस बार भी फिल्म ‘अस्सी’ के प्रमोशन के लिए दोबारा वाराणसी आकर मैं बेहद खुश हूं।” उनके शब्दों में इस शहर के प्रति अपनापन और सम्मान साफ झलक रहा था।
फिल्म ‘अस्सी’ को लेकर जीशान अय्यूब ने इसे एक बेहद जरूरी और समय की सच्चाई से जुड़ी फिल्म बताया। उन्होंने कहा कि यह फिल्म केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज से जुड़े उन सवालों को सामने लाती है, जिन पर चर्चा जरूरी है। इसी वजह से पूरी टीम अलग-अलग शहरों में जाकर सीधे दर्शकों से जुड़ रही है और लोगों से इस फिल्म को देखने की अपील कर रही है। उनका मानना है कि ऐसी फिल्मों को परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर देखना चाहिए, ताकि इसके संदेश पर खुलकर बातचीत हो सके।
प्रमोशन के दौरान अभिनेता ने यह भी कहा कि ‘अस्सी’ आम लोगों की कहानी है, जिसमें भावनाएं, संघर्ष और सोच की गहराई है। यह फिल्म दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है और समाज को एक आईना दिखाने का काम करती है। उन्होंने विश्वास जताया कि वाराणसी जैसे सांस्कृतिक और बौद्धिक रूप से समृद्ध शहर के दर्शक इस फिल्म को जरूर सराहेंगे।
वाराणसी आगमन पर स्थानीय फिल्म प्रेमियों और प्रशंसकों में खासा उत्साह देखने को मिला। लोगों ने अभिनेता का गर्मजोशी से स्वागत किया और फिल्म को लेकर अपनी जिज्ञासा भी जाहिर की। मोहम्मद जीशान अय्यूब ने भी सहजता और आत्मीयता के साथ लोगों से संवाद किया और उम्मीद जताई कि ‘अस्सी’ दर्शकों के दिलों तक पहुंचेगी।
कुल मिलाकर, फिल्म ‘अस्सी’ का वाराणसी में हुआ यह प्रमोशनल कार्यक्रम केवल एक फिल्म के प्रचार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह कला, समाज और संवाद का एक सार्थक मंच बनकर सामने आया, जहां अभिनेता ने अपने शब्दों और विचारों से लोगों को फिल्म देखने और उस पर सोचने के लिए प्रेरित किया।
