मुजफ्फरनगर: श्रमिक से वसूली के आरोप में दारोगा-सिपाही निलंबित, पुलिस विभाग में मचा हड़कंप

By
Dilip Kumar
Dilip Kumar is the Associate Editor at News Report, a registered Hindi newspaper committed to ethical, factual, and responsible journalism. He plays a key role in...
3 Min Read
मुजफ्फरनगर में श्रमिक से अवैध वसूली के आरोप में दो पुलिसकर्मी निलंबित।

मुजफ्फरनगर में श्रमिक से वसूली का आरोप, चौकी प्रभारी दारोगा और सिपाही निलंबित

मुजफ्फरनगर जनपद के थाना फुगाना क्षेत्र की सराय चौकी से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसमें मिट्टी और गत्ते से कुल्हड़ बनाने वाले एक श्रमिक युवक को पूछताछ के नाम पर हिरासत में लेकर उससे धन उगाही करने का आरोप लगा है। मामले की शिकायत के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने जांच कराई और आरोप सही पाए जाने पर चौकी प्रभारी दारोगा और संबंधित सिपाही को निलंबित कर दिया।

पूछताछ के नाम पर उठाया गया युवक

जानकारी के अनुसार 11 फरवरी की शाम करीब साढ़े पांच बजे सराय चौकी प्रभारी दारोगा रजत चौधरी और सिपाही विनीत यादव ने श्रमिक विनोद प्रजापति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। आरोप है कि युवक को बारूद का चूरा बनाने के संदेह में चौकी पर बैठा लिया गया, जबकि वह मिट्टी और गत्ते से कुल्हड़ बनाने का कार्य करता है।

बताया गया है कि चौकी पर पहुंचे थाना प्रभारी ने भी दारोगा से युवक को हिरासत में लेने के संबंध में जानकारी ली थी। इसके बावजूद उसे चौकी में बैठाए रखा गया।

जेल भेजने की धमकी और 50 हजार की मांग का आरोप

आरोप है कि चौकी प्रभारी और पुलिसकर्मियों ने युवक को जेल भेजने की धमकी दी और उसे छोड़ने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की। मामले में सराय ग्राम प्रधान ने भी सिफारिश की, लेकिन आरोप है कि दारोगा ने उनकी बात नहीं मानी।

परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार बाद में 14 हजार रुपये लेकर युवक को छोड़ा गया। बताया गया कि छह हजार रुपये तत्काल दिए गए और आठ हजार रुपये अगले दिन दिए गए।

भाजपा नेता की शिकायत पर हुई कार्रवाई

भाजपा के जिला उपाध्यक्ष नितिन मलिक ने इस मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और एसपी देहात से की थी। शिकायत के बाद मामले की जांच कराई गई। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर सोमवार को एसएसपी ने चौकी प्रभारी दारोगा रजत चौधरी और सिपाही विनीत यादव को निलंबित कर दिया।

पुलिस विभाग में मचा हड़कंप

इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अवैध वसूली या अधिकारों के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले में विभागीय जांच की आगे की प्रक्रिया जारी है और आवश्यकतानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

घटना ने क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाओं पर सख्त कदम उठाए जाने से आम जनता का भरोसा मजबूत होगा।