नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़: यूके-यूएस नागरिकों से 8 करोड़ की ठगी, सरगना समेत 16 गिरफ्तार
नोएडा साइबर क्राइम पुलिस ने सेक्टर-16 में चल रहे एक बड़े फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। यह कॉल सेंटर यूके और यूएस के नागरिकों को तकनीकी सहायता देने के नाम पर झांसे में लेकर उनसे करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था। पुलिस ने इस कार्रवाई में गिरोह के सरगना वरुण गुप्ता समेत कुल 16 आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
6 महीने से चल रहा था ठगी का खेल
पुलिस के अनुसार यह कॉल सेंटर पिछले करीब छह महीनों से सक्रिय था और अब तक करीब 450 लोगों से 8 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर चुका था। रात के समय कॉल सेंटर संचालित होने की सूचना मिलने पर साइबर क्राइम टीम ने बृहस्पतिवार तड़के छापा मारकर सभी आरोपितों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
भारी मात्रा में उपकरण बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से चार लैपटॉप, 15 कंप्यूटर, 16 मोबाइल फोन, 16 हेडफोन, एक मोडेम और दो राउटर बरामद किए हैं। इन उपकरणों के जरिए ही विदेशी नागरिकों से संपर्क कर उन्हें ठगा जाता था।
फर्जी टेक सपोर्ट के नाम पर ठगी
डीसीपी साइबर शैव्या गोयल के अनुसार, गिरोह का सरगना वरुण गुप्ता सोशल मीडिया पर टेक सपोर्ट के नाम से विज्ञापन चलवाता था। इसके बाद ऑनलाइन डायलर के जरिए यूके और यूएस के नागरिकों को कॉल कर विदेशी एक्सेंट में उनसे बातचीत की जाती थी।
आरोपित लोगों को यह विश्वास दिलाते थे कि उनके कंप्यूटर या डिवाइस हैक हो गए हैं। डर पैदा करने के लिए वे कंप्यूटर स्क्रीन को ब्लैक कर देते थे, जिससे पीड़ित घबरा जाते थे।
स्क्रीन शेयरिंग के जरिए हासिल करते थे एक्सेस
इसके बाद आरोपित स्क्रीन शेयरिंग एप के माध्यम से पीड़ित के सिस्टम का एक्सेस ले लेते थे और उनकी बैंकिंग जानकारी, गिफ्ट कार्ड और कूपन से संबंधित डाटा हासिल कर लेते थे।
कम रकम वाले खातों से 100 से 500 अमेरिकी डॉलर तक वसूले जाते थे, जबकि अधिक रकम होने पर मामले को टीम लीडर के पास ट्रांसफर कर बड़ी ठगी की जाती थी।
क्रिप्टो करेंसी के जरिए खपाते थे पैसा
ठगी की रकम को आरोपी क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से ट्रांसफर कर लेते थे, जिससे उसका पता लगाना मुश्किल हो जाता था। इसके बाद रकम को आपस में बांट लिया जाता था।
आरोपितों की पहचान और जांच जारी
पुलिस ने सभी आरोपितों की पहचान कर ली है, जो दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और अन्य स्थानों के निवासी हैं। अधिकांश आरोपी 12वीं, बीए, बीकॉम और बीटेक तक शिक्षित हैं।
पुलिस को आरोपितों के मोबाइल और लैपटॉप से करोड़ों रुपये की ठगी के साक्ष्य मिले हैं। अब उनके अन्य बैंक खातों और नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
साइबर अपराध पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
नोएडा साइबर क्राइम पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के गिरोहों पर आगे भी सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी।
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