नूंह में नए एसपी डॉ. अर्पित जैन के सख्त निर्देश: अक्षम अधिकारियों पर कार्रवाई, पुलिस व्यवस्था में बड़े बदलाव
हरियाणा के नूंह जिले में नव नियुक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने पुलिस व्यवस्था को मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए कई अहम बदलावों की घोषणा की है। गुरुवार को अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अब जांच अधिकारियों और थाना प्रभारियों को कार्यक्षमता साबित करने के लिए टेस्ट प्रक्रिया से गुजरना होगा।
अक्षम अधिकारियों की होगी छुट्टी
एसपी ने कहा कि सभी जांच अधिकारियों और थाना प्रभारियों की नियमित समीक्षा की जाएगी। जो अधिकारी अपने कर्तव्यों के प्रति सक्षम नहीं पाए जाएंगे, उन्हें तुरंत थाना प्रभार से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया जाएगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अक्षम अधिकारियों की थानों में कोई जगह नहीं होगी।
भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई
पुलिस विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए भी सख्त निर्देश दिए गए हैं। एसपी ने चेतावनी दी कि यदि कोई पुलिसकर्मी भ्रष्टाचार में लिप्त पाया गया, तो जांच के बाद उसे नौकरी से बर्खास्त किया जा सकता है।
गोकशी मामलों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त
नूंह जिले में गोकशी के मामलों को देखते हुए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। अब किसी भी कार्रवाई से पहले संबंधित नोडल अधिकारी की जानकारी और निर्देश अनिवार्य होंगे। एसपी ने कहा कि मेवात क्षेत्र पहले से ही संवेदनशील रहा है, इसलिए इस तरह के मामलों में विशेष सतर्कता बरती जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति या संगठन कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकता। यदि किसी को गोकशी से जुड़ी जानकारी मिलती है, तो उसे सीधे नोडल अधिकारी को सूचित करना होगा।
गोतस्करी में शामिल लोगों की संपत्ति होगी अटैच
एसपी ने बताया कि गोतस्करी में लिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत उनकी संपत्तियों को भी अटैच करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, ताकि इस तरह के अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
बाहरी पुलिस टीमों के लिए भी नई व्यवस्था
हाल ही में मेघालय पुलिस से जुड़े विवाद के बाद बाहरी राज्यों से आने वाली पुलिस टीमों के लिए भी नई व्यवस्था लागू की गई है। अब ऐसी टीमों को सीधे डीएसपी स्तर के नोडल अधिकारी से संपर्क करना होगा, जो उन्हें आवश्यक सहयोग और समन्वय प्रदान करेंगे।
पुराने अपराधियों और नशाखोरी पर सख्ती
एसपी ने निर्देश दिए हैं कि पुराने आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर लगातार नजर रखी जाए। साथ ही नशाखोरी पर नियंत्रण के लिए संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
थानों में ही होगा शिकायतों का समाधान
पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आम जनता की शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर थाने स्तर पर ही किया जाए। इससे लोगों को भटकना नहीं पड़ेगा और पुलिस पर विश्वास भी बढ़ेगा।
भाईचारे को बनाए रखने पर जोर
एसपी डॉ. अर्पित जैन ने कहा कि मेवात क्षेत्र भाईचारे की मिसाल रहा है और इसे बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। जो भी इस सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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