परेशन कन्विक्शन के तहत बड़ी सफलता, अपहरण दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामले में अभियुक्त को आजीवन कारावास व 46000 रुपये का जुर्माना
वरुणा जोन पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी के अंतर्गत थाना चौबेपुर में पंजीकृत एक गंभीर आपराधिक मामले में प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप न्यायालय से कठोर फैसला सामने आया है। पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देशन में गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत यह महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के मार्गदर्शन में तथा थाना चौबेपुर पुलिस और मॉनिटरिंग सेल वाराणसी की सशक्त और निरंतर पैरवी के फलस्वरूप अभियुक्त को दोषसिद्ध कराया गया।
थाना चौबेपुर कमिश्नरेट वाराणसी में पंजीकृत मुकदमा संख्या 0506/2021 धारा 363 506 306 376(3) भारतीय दंड विधान एवं धारा 3/4 पॉक्सो एक्ट से संबंधित अभियुक्त जनार्दन यादव पुत्र स्वर्गीय लखन यादव निवासी ग्राम कमौली थाना चौबेपुर जनपद वाराणसी को आज दिनांक 30 जनवरी 2026 को माननीय विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट 01 जनपद वाराणसी द्वारा दोषी करार दिया गया।
न्यायालय द्वारा अभियुक्त को धारा 363 भारतीय दंड विधान के अंतर्गत सात वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5000 रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया। धारा 506 भारतीय दंड विधान के अंतर्गत दो वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई। धारा 306 भारतीय दंड विधान के अंतर्गत दस वर्ष के सश्रम कारावास एवं 10000 रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया। इसके अतिरिक्त लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम पॉक्सो एक्ट 2012 की धारा 3 और 4 के अंतर्गत अभियुक्त को आजीवन कारावास एवं 30000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई।
इस प्रकार न्यायालय द्वारा अभियुक्त जनार्दन यादव पर कुल 46000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। सभी सजाएं नियमानुसार एक साथ प्रभावी होंगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह फैसला थाना चौबेपुर पुलिस एवं मॉनिटरिंग सेल वाराणसी द्वारा की गई मजबूत और प्रभावी पैरवी का प्रत्यक्ष परिणाम है। अभियोजन पक्ष ने मामले से जुड़े साक्ष्य और गवाह न्यायालय के समक्ष प्रभावी रूप से प्रस्तुत किए, जिससे दोषी को कठोर सजा सुनिश्चित हो सकी।
कमिश्नरेट पुलिस वाराणसी ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों में किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी। ऑपरेशन कन्विक्शन के माध्यम से पुलिस का यह प्रयास लगातार जारी रहेगा ताकि पीड़ितों को न्याय और समाज को अपराध मुक्त वातावरण मिल सके।
