पडरौना में सनसनी: पति ने दोस्त संग मिलकर पत्नी की हत्या की, गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस को किया गुमराह
कुशीनगर जिले के पडरौना क्षेत्र में एक सनसनीखेज हत्या का खुलासा हुआ है, जिसमें पति ने अपने दोस्त के साथ मिलकर पत्नी की गला घोंटकर और सिर पर वार कर हत्या कर दी। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
गुमशुदगी दर्ज कर रचा था साजिश का पर्दा
प्रभारी निरीक्षक ओमप्रकाश तिवारी के अनुसार, एक अप्रैल को दुदही नगर पंचायत, थाना विशुनपुरा निवासी ऋषभ पटेल ने अपनी पत्नी रेनू के पडरौना नगर से गायब होने की सूचना देते हुए गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
झाड़ियों में मिला शव, पोस्टमार्टम में हुआ खुलासा
जांच के दौरान रेनू का शव पड़ोसी जनपद महराजगंज के निचलौल थाना क्षेत्र में झाड़ियों के बीच बरामद हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटने और सिर पर गंभीर चोट लगने से मौत की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धाराएं बढ़ाकर जांच तेज कर दी।
पति पर गहराया शक, पूछताछ में टूटा
जांच के दौरान पुलिस को पति ऋषभ पटेल की भूमिका संदिग्ध लगी। हिरासत में लेकर जब उससे पूछताछ की गई, तो पहले वह गुमराह करने की कोशिश करता रहा, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक और वैज्ञानिक साक्ष्य सामने रखने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
दोस्त के साथ मिलकर बनाई थी हत्या की योजना
आरोपी ने बताया कि पिछले कुछ समय से उसका अपनी पत्नी रेनू के साथ विवाद चल रहा था। इसी के चलते उसने अपने दोस्त प्रियांशु सिंह निवासी इंदिरा नगर, पडरौना के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
घटना वाले दिन वह पत्नी को कार से पशुपतिनाथ मंदिर (नेपाल) दर्शन कराने के बहाने लेकर निकला। रास्ते में प्रियांशु भी उनके साथ हो गया। खड्डा के आगे निचलौल क्षेत्र में सुनसान स्थान पर पहुंचकर दोनों ने मिलकर रेनू का गला उसी के दुपट्टे से कस दिया।
इसके बाद कार में रखी लोहे की वजनदार वस्तु से उसके सिर पर वार कर हत्या कर दी और शव को झाड़ियों में छिपा दिया।
घटना में प्रयुक्त सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त दुपट्टा, कार और मोबाइल फोन बरामद कर लिया है।
दोनों आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस टीम का सराहनीय कार्य
इस पूरे मामले के खुलासे में स्वाट प्रभारी स्वतंत्र सिंह, उपनिरीक्षक रविभूषण राय, वीरेंद्र बहादुर सिंह और अमित सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से खुला राज
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले के खुलासे में मोबाइल लोकेशन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों ने अहम भूमिका निभाई। इन्हीं के आधार पर आरोपियों तक पहुंचना संभव हो सका।
यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि पारिवारिक विवाद किस हद तक खतरनाक रूप ले सकते हैं और अपराधियों को कानून से बचना आसान नहीं है।
LATEST NEWS