प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में काशी तमिल संगमम का उल्लेख करते हुए उत्तर और दक्षिण भारत की सांस्कृतिक एकता को विशेष रूप से रेखांकित किया। रविवार को प्रसारित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि काशी तमिल संगमम विश्व की सबसे प्राचीन भाषा और सबसे प्राचीन शहरों में से एक का अद्भुत संगम है और यह आयोजन भारतीय सांस्कृतिक विरासत की विविधता और गहराई को सामने लाता है। इस वर्ष का संगम 2 दिसंबर से काशी के नमो घाट पर शुरू होगा और इसकी थीम Learn Tamil रखी गई है जिसका उद्देश्य तमिल भाषा और उसके सांस्कृतिक स्वरूप को और अधिक लोगों तक पहुंचाना है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से इस आयोजन में भाग लेने का आग्रह किया और कहा कि यह कार्यक्रम एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को सुदृढ़ करेगा और विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों के बीच संवाद का नया अवसर देगा।
प्रधानमंत्री ने काशी और तमिलनाडु के बीच मौजूद ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि काशी और तमिल संस्कृति का रिश्ता सदियों पुराना है और यह संगम दोनों क्षेत्रों के लोगों को एक दूसरे के और करीब लाता है। काशी के लोगों से बातचीत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शहर के निवासी हर बार इस आयोजन को लेकर उत्साहित रहते हैं क्योंकि इससे उन्हें कुछ नया सीखने और तमिलनाडु से आने वाले मेहमानों से मिलने का अवसर मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि काशीवासी इस बार भी पूरे मन से तैयार हैं और तमिलनाडु के अपने भाई बहनों का गर्मजोशी से स्वागत करने को उत्सुक हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में Learn Tamil अभियान की प्रासंगिकता पर बल दिया और कहा कि तमिल भाषा और संस्कृति भारत की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कार्यक्रम में तमिल कलाच्चारम उयर्वानद् तमिल मोलि उयर्वानद् तमिल इन्दियाविन पेरूमिदम् का उल्लेख करते हुए कहा कि तमिल भाषा और संस्कृति का उत्थान भारत की गौरव यात्रा का एक अहम हिस्सा है। यह पहल न केवल भाषा सीखने का अवसर देती है बल्कि काशी की समृद्ध परंपराओं और आध्यात्मिक विरासत से भी परिचित कराती है। इस आयोजन में भाग लेने वाले लोगों को तमिल संस्कृति, कला और साहित्य की समझ के साथ साथ काशी के इतिहास और परम्पराओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
काशी तमिल संगमम हर वर्ष आयोजित किया जाता है और यह कार्यक्रम दोनों क्षेत्रों के बीच सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देता है। इस बार की थीम Learn Tamil का उद्देश्य भाषा आधारित सांस्कृतिक सहभागिता को बढ़ाना और नई पीढ़ी में तमिल के प्रति जागरूकता पैदा करना है। साथ ही यह आयोजन दोनों राज्यों के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक साझेदारी की भावना को मजबूत करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे मंचों से भारत की विविधता और एकता का संदेश और अधिक प्रभावी तरीके से सामने आता है और यह देश के कोने कोने में सांस्कृतिक आदान प्रदान की परंपरा को आगे बढ़ाते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में काशी तमिल संगमम का उल्लेख किया, सांस्कृतिक एकता को रेखांकित किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में काशी तमिल संगमम का उल्लेख कर उत्तर-दक्षिण सांस्कृतिक एकता को विशेष रूप से रेखांकित किया।
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