प्रतापगढ़ में गैंगस्टर मस्सन की सवा करोड़ की संपत्ति कुर्क, डीएम के आदेश पर आममऊ में कार्रवाई
प्रतापगढ़ जनपद में पुलिस और प्रशासन ने गैंगस्टर एक्ट के आरोपी हिस्ट्रीशीटर मस्सन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसकी लगभग सवा करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्ति कुर्क कर दी है। यह कार्रवाई बिहारगंज बाजार में दिनदहाड़े व्यापारी पर फायरिंग, मारपीट और धमकी देने की घटना के बाद की गई। जिला प्रशासन के अनुसार, आरोपित द्वारा अपराध से अर्जित संपत्ति को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया गया है, जिससे अब उसकी खरीद फरोख्त नहीं हो सकेगी।
बिहारगंज बाजार की घटना के बाद सख्ती
जानकारी के अनुसार, 17 जून को बिहारगंज बाजार में एक व्यापारी पर हमला किया गया था। मामले में 16 आरोपितों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी मस्सन समेत कुछ आरोपितों को गिरफ्तार किया था, जबकि अन्य आरोपितों ने बाद में न्यायालय में सरेंडर कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने आरोपितों की संपत्तियों की जांच शुरू की और रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी।
डीएम के आदेश पर संपत्ति कुर्क
पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने मस्सन की संपत्ति को अपराध से अर्जित मानते हुए नियमानुसार कुर्क करने का आदेश जारी किया। इसके बाद पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम आममऊ गांव स्थित उसके घर पहुंची। अंतू और कोतवाली देहात पुलिस ने नायब तहसीलदार की मौजूदगी में कृषि योग्य जमीन की पैमाइश कर उसे कुर्क कर दिया।
कार्रवाई से पहले लाउडस्पीकर के माध्यम से उद्घोषणा कर आसपास के लोगों को जानकारी दी गई कि गैंगस्टर अपराधी मस्सन पुत्र स्वर्गीय लतीफ निवासी आममऊ द्वारा अपनी मां महिरुल निशा के नाम से खरीदी गई जमीन को जिलाधिकारी के आदेश पर कुर्क किया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अब इस संपत्ति की कोई खरीद फरोख्त या हस्तांतरण नहीं किया जा सकेगा।
2007 से अपराध जगत में सक्रिय
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मस्सन वर्ष 2007 से अपराध जगत में सक्रिय है और उसे एक शातिर अपराधी तथा सक्रिय गैंग लीडर के रूप में चिन्हित किया गया है। पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट में उसके खिलाफ कई आपराधिक मामलों का उल्लेख किया गया है। प्रशासन अब उसकी अन्य संपत्तियों की भी जांच कर रहा है, जिनमें कादीपुर समेत अन्य स्थानों की संपत्तियां शामिल बताई जा रही हैं।
अचानक पहुंची फोर्स से मचा हड़कंप
आममऊ क्षेत्र में जब पुलिस और राजस्व टीम भारी बल के साथ पहुंची तो आसपास के लोगों में हलचल मच गई। मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार सदर दिनेश तिवारी ने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट और जिलाधिकारी के आदेश के तहत की गई है। उन्होंने कहा कि अपराध से अर्जित संपत्ति पर कानूनी प्रावधानों के अनुसार कुर्की की गई है।
इन अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्रवाई के दौरान कोतवाली देहात प्रभारी इंचार्ज पुष्पराज सिंह, अंतू थाना प्रभारी अभिषेक सिरोही, एआरटीओ चौकी इंचार्ज रामनरेश यादव, उपनिरीक्षक सुरेश यादव, राजस्व निरीक्षक श्रीकांत त्रिपाठी, लेखपाल जैनेंद्र कुमार, राजकमल पांडेय और अजय कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। पूरी प्रक्रिया राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त निगरानी में संपन्न हुई।
अन्य संपत्तियों की जांच जारी
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि मस्सन की अन्य चल और अचल संपत्तियों का भी विवरण एकत्र किया जा रहा है। यदि वे भी अपराध से अर्जित पाई जाती हैं तो उन पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि संगठित अपराध और गैंग गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए ऐसे मामलों में आर्थिक कार्रवाई प्रभावी साबित होती है।
प्रतापगढ़ में की गई इस कार्रवाई को कानून व्यवस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित कर कानूनी दायरे में लाया जाएगा।
