शराब दुकानों का आवंटन अब नवीनीकरण से, लॉटरी व्यवस्था खत्म: जानें नए नियम और शुल्क

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Dilip Kumar
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जिले में शराब की दुकानों के आवंटन में बड़े बदलाव किए गए हैं।

शराब की दुकानों का आवंटन अब नवीनीकरण से, लॉटरी व्यवस्था इस बार लागू नहीं

जिले में शराब की दुकानों के आवंटन को लेकर इस वर्ष महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब शराब की दुकानों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से नहीं किया जाएगा, बल्कि मौजूदा दुकानों का नवीनीकरण किया जाएगा। जिला आबकारी अधिकारी राजेश कुमार मिश्र ने बताया कि 18 फरवरी 2026 से नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। जिन दुकानदारों द्वारा समय से नवीनीकरण नहीं कराया जाएगा, उन दुकानों का आवंटन बाद में लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।

जिले में संचालित हैं 470 दुकानें

वर्तमान में जिले में देशी शराब की 303 दुकानें, कंपोजिट की 165 दुकानें तथा मॉडल शॉप की दो दुकानें संचालित हैं। आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि देशी शराब की बेसिक लाइसेंस फीस में कोई वृद्धि नहीं की गई है। हालांकि प्रतिफल शुल्क में बढ़ोत्तरी की गई है, जिससे राजस्व में वृद्धि का अनुमान है।

प्रतिफल शुल्क में बढ़ोतरी

डिस्टेलरी से शराब की खरीद पर लगने वाला प्रति बल्क लीटर प्रतिफल शुल्क 260 रुपये से बढ़ाकर 273 रुपये कर दिया गया है। यह वृद्धि सीधे तौर पर खरीद लागत को प्रभावित करेगी। हालांकि 25 प्रतिशत तीव्रता वाली देशी शराब के मूल्य को यथावत रखा गया है। वहीं 28 प्रतिशत से लेकर 42 प्रतिशत तक की तीव्रता वाली देशी शराब के दाम में पांच रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है।

कोटे में श्रेणीवार वृद्धि

देशी शराब के कोटे में भी वृद्धि की गई है। नगर पालिका क्षेत्र में पांच प्रतिशत, नगर पंचायत क्षेत्र में छह प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्र में आठ प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई है। विभाग का कहना है कि मांग और उपभोग के आधार पर यह निर्णय लिया गया है।

नवीनीकरण शुल्क तय

दुकानों के नवीनीकरण शुल्क को श्रेणीवार निर्धारित किया गया है। नगर पालिका क्षेत्र की दुकानों के लिए 90 हजार रुपये, नगर पंचायत क्षेत्र के लिए 70 हजार रुपये और ग्रामीण क्षेत्र की दुकानों के लिए 40 हजार रुपये नवीनीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है।

विदेशी मदिरा और बीयर पर भी असर

विदेशी मदिरा और बीयर के राजस्व कोटे में साढ़े सात प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसी अनुपात में इन दुकानों की लाइसेंस फीस भी बढ़ाई जाएगी। विभाग के अनुसार यह समायोजन राजस्व लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

कंपोजिट दुकानें बन सकती हैं मॉडल शॉप

नई नीति के तहत कंपोजिट शराब दुकानदारों को अपनी दुकान को मॉडल शॉप में परिवर्तित करने की सुविधा भी दी गई है। इसके लिए अलग से निर्धारित शुल्क देना होगा और मॉडल शॉप की निर्धारित अर्हताओं को पूरा करना होगा। इससे दुकानदारों को व्यवसाय विस्तार का विकल्प मिलेगा।

लॉटरी केवल नवीनीकरण न होने पर

पिछले वित्तीय वर्ष में शराब की दुकानों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से किया गया था, लेकिन इस बार प्राथमिकता नवीनीकरण को दी गई है। यदि कोई दुकानदार निर्धारित समय सीमा में नवीनीकरण नहीं कराता है, तो संबंधित दुकान का आवंटन बाद में लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।

जिला आबकारी अधिकारी राजेश कुमार मिश्र ने बताया कि नवीनीकरण की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से ऑनलाइन की जाएगी। विभाग की ओर से सभी संबंधित दुकानदारों को समय पर आवेदन करने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि देशी दुकानों की लाइसेंस फीस में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है, केवल कोटे और प्रतिफल शुल्क में संशोधन किया गया है।

आबकारी विभाग द्वारा शुरू की गई यह नई व्यवस्था आगामी वित्तीय वर्ष में राजस्व संग्रह और प्रशासनिक पारदर्शिता को ध्यान में रखकर लागू की जा रही है। 18 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ होने के साथ ही नवीनीकरण प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।