सोनभद्र: अनपरा पुलिस ने 10 ग्राम हेरोइन के साथ तस्कर को किया गिरफ्तार

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Dilip Kumar
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सोनभद्र में पुलिस द्वारा 10 ग्राम हेरोइन के साथ तस्कर गिरफ्तार

जनपद सोनभद्र में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना अनपरा पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से करीब 10 ग्राम हेरोइन बरामद की है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 02 लाख रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई को क्षेत्र में सक्रिय नशा तस्करों के नेटवर्क पर करारा प्रहार माना जा रहा है।

पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के निर्देश पर जनपद में अपराध की रोकथाम और मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय के निर्देशन में थाना अनपरा पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस को मुखबिर खास से सूचना मिली थी कि डिबुलगंज डी प्लांट पुलिया के पास एक युवक हेरोइन की बिक्री के लिए मौजूद है।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए बताए गए स्थान पर घेराबंदी की। दिनांक 08 फरवरी 2026 को तड़के करीब 01 बजकर 57 मिनट पर पुलिस ने मौके से एक संदिग्ध युवक को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से लगभग 10 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पूछताछ में युवक ने अपना नाम मनोज कुमार पुत्र फूलचन्द निवासी डिबुलगंज थाना अनपरा जनपद सोनभद्र बताया। उसकी उम्र करीब 30 वर्ष है। बरामद हेरोइन की बाजार कीमत करीब 02 लाख रुपये आंकी गई है।

बरामदगी और गिरफ्तारी के आधार पर थाना अनपरा पर मु0अ0सं0-26 /2026 धारा 8 / 21 NDPS एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत कर अभियुक्त को विधिक कार्रवाई के बाद माननीय न्यायालय भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार इस मामले में एक अन्य व्यक्ति रोहन उर्फ चिंटू पुत्र शिवकुमार निवासी सिनेमा रोड पूर्वी परासी थाना अनपरा की भूमिका भी सामने आई है, जिसकी तलाश की जा रही है।

पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अभियुक्त ने स्वीकार किया कि वह पिछले करीब दो वर्षों से हेरोइन की पुड़िया बनाकर बिक्री कर रहा था। उसने बताया कि वह एक पुड़िया 250 रुपये में बेचता था और प्रतिदिन करीब 60 से 70 पुड़ियां बिक जाती थीं। उसने यह भी बताया कि हेरोइन उसे राहुल उर्फ चिंटू नामक व्यक्ति उपलब्ध कराता था, जिसके साथ मिलकर वह पुड़ियां तैयार करता और बिक्री करता था। यही उसका मुख्य आजीविका का साधन बन गया था।

इस पूरी कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक सत्येन्द्र कुमार राय, उप निरीक्षक संतोष कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल रामाश्रय यादव, हेड कांस्टेबल विजय कुमार यादव, कांस्टेबल पवन कुमार और कांस्टेबल अजीत यादव की अहम भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनपद में नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।