सोनभद्र में 825 किलोग्राम गांजा तस्करी के दो दोषियों को 10 वर्ष की सजा

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Mridul Kr Tiwari
Mridul Kr Tiwari is the Editor-in-Chief of News Report, a registered Hindi newspaper dedicated to credible, independent, and public-interest journalism. He oversees editorial operations, newsroom standards,...
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सोनभद्र में एनडीपीएस कोर्ट द्वारा 825 किलो गांजा तस्करी मामले में दोषियों को 10 साल की सजा सुनाई गई।

जनपद सोनभद्र में मादक पदार्थों के खिलाफ चल रही सख्त कानूनी कार्रवाई के तहत एक अहम फैसला सामने आया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो गोरखपुर द्वारा पंजीकृत एक बड़े एनडीपीएस मामले में माननीय न्यायालय सोनभद्र ने दो अभियुक्तों को दोषी पाते हुए दस दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष 2024 में पकड़ी गई भारी मात्रा में अवैध गांजा की तस्करी से जुड़ा हुआ है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह प्रकरण एनसीबी अपराध संख्या 01 वर्ष 2024 के रूप में दर्ज किया गया था। घटना की तिथि 9 जुलाई 2024 है, जब एनसीबी गोरखपुर ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से कार्रवाई करते हुए कुल 825 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया था। इतनी बड़ी मात्रा में गांजा की बरामदगी को गंभीर मानते हुए अभियुक्तों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20/25/29 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद मामले की विस्तृत विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया शुरू की गई।

सुनवाई के उपरांत माननीय न्यायालय सोनभद्र ने अपने फैसले में सर्वेश सिंह पुत्र विक्रम सिंह निवासी मलिकपुर अकोडिया थाना मंगलपुर जनपद कानपुर देहात तथा अभिरल सिंह पुत्र धूप सिंह निवासी बड़हरा थाना भोरे जनपद गोपालगंज बिहार को धारा 8/20 NDPS एक्ट के तहत दोषी करार दिया। न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को दस दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई और साथ ही प्रत्येक पर एक एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया।

हालांकि न्यायालय ने साक्ष्यों के अभाव में धारा 28/29 NDPS एक्ट के अंतर्गत दोनों अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया। इसके साथ ही इस मामले में नामजद अन्य अभियुक्तों शुभम त्रिपाठी, राकेश यादव उर्फ लुहुर और मनीष तिवारी को सभी आरोपों से पूरी तरह बरी कर दिया गया। न्यायालय का कहना था कि इनके विरुद्ध लगाए गए आरोप प्रमाणित नहीं हो सके।

इस फैसले को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। एनसीबी और स्थानीय प्रशासन का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा की बरामदगी और उसमें दोषियों को मिली सजा यह स्पष्ट करती है कि कानून के शिकंजे से कोई भी तस्कर नहीं बच सकता। अधिकारियों के अनुसार एनडीपीएस मामलों में मजबूत साक्ष्य और प्रभावी पैरवी के चलते दोषियों को सजा दिलाई जा रही है।

प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। यह फैसला न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करता है बल्कि समाज में यह संदेश भी देता है कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों को अंततः कठोर सजा का सामना करना ही पड़ेगा।