जनपद सोनभद्र में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना अनपरा की साइबर टीम को एक अहम सफलता हाथ लगी है। ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर ठगी का शिकार हुए एक पीड़ित की धनराशि में से पांच हजार रुपये उसके मूल बैंक खाते में सफलतापूर्वक वापस कराए गए हैं। इस कार्रवाई से न केवल पीड़ित को राहत मिली है बल्कि आम लोगों में साइबर अपराध को लेकर पुलिस की तत्परता और भरोसा भी मजबूत हुआ है।
जानकारी के अनुसार अनपरा थाना क्षेत्र के रेहता निवासी राजा कुमार पाल पुत्र चुन्नी पाल के साथ 8 सितंबर 2024 को ऑनलाइन ट्रेडिंग में अधिक मुनाफे का लालच देकर कुल 13 लाख 73 हजार 508 रुपये की साइबर ठगी की गई थी। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके साथ ही उन्होंने साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in के माध्यम से भी अपनी शिकायत दर्ज कराई थी ताकि समय रहते धनराशि को ट्रेस किया जा सके।
पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा के निर्देश पर साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत इस मामले को प्राथमिकता से लिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय श्री अनिल कुमार के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी पिपरी श्री हर्ष पाण्डेय के पर्यवेक्षण में थाना अनपरा की साइबर टीम ने NCRP पोर्टल पर उपलब्ध विवरणों का गहन अध्ययन किया। जांच के दौरान फ्राड की गई धनराशि में से 2 लाख 22 हजार 481 रुपये 10 पैसे को विभिन्न बैंक खातों में होल्ड कराया गया।
इसके बाद साइबर टीम ने आवश्यक तकनीकी साक्ष्य एकत्र कर संबंधित बैंक शाखाओं से ईमेल के माध्यम से लगातार पत्राचार किया। इस प्रयास के परिणामस्वरूप होल्ड की गई राशि में से पांच हजार रुपये पीड़ित के मूल बैंक खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दिए गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शेष होल्ड धनराशि को भी वापस कराने की प्रक्रिया जारी है और संबंधित बैंकों से लगातार संपर्क किया जा रहा है।
इस पूरी कार्रवाई के बाद पीड़ित राजा कुमार पाल ने थाना अनपरा की साइबर टीम की खुले दिल से सराहना की और कहा कि यदि समय पर पुलिस की मदद न मिलती तो उसकी मेहनत की कमाई पूरी तरह से हाथ से निकल जाती। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि साइबर ठगी की स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
पुलिस ने इस मौके पर साइबर जागरूकता को लेकर भी अपील की है। आम लोगों से कहा गया है कि वे अपनी व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी जैसे आधार कार्ड पैन कार्ड मोबाइल नंबर बैंक खाता विवरण पासवर्ड और ओटीपी किसी के साथ साझा न करें। साथ ही अनजान क्यूआर कोड स्कैन करने और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। पुलिस का कहना है कि सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे मजबूत हथियार है।
