सोनभद्र: पॉक्सो मामले में दोषी को आजीवन कारावास और एक लाख जुर्माना

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Dilip Kumar
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सोनभद्र अदालत का पॉक्सो एक्ट मामले में सख्त फैसला

जनपद सोनभद्र में महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत न्यायिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण और सख्त निर्णय सामने आया है। मा न्यायालय एएसजे एसपीएल पॉक्सो सोनभद्र ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के गंभीर प्रकरण में एक दोषी को आजीवन कठोर कारावास तथा एक लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। यह फैसला जनपद सोनभद्र पुलिस द्वारा अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के अंतर्गत प्रभावी पैरवी और सशक्त पुलिस न्याय प्रणाली के समन्वय का परिणाम माना जा रहा है।

पुलिस अधीक्षक सोनभद्र के निर्देशन में चल रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान का उद्देश्य गंभीर अपराधों में दोषियों को कठोर सजा दिलाकर समाज में कानून का भय और पीड़ितों को न्याय दिलाना है। इसी क्रम में थाना चोपन क्षेत्र के एक संवेदनशील पॉक्सो प्रकरण में पुलिस और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी के चलते न्यायालय ने दोषी को कठोरतम सजा सुनाई है। यह निर्णय न केवल पीड़िता के लिए न्याय की दिशा में एक अहम कदम है बल्कि समाज के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है कि महिला और बाल अपराधों में लिप्त आरोपियों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।

प्रकरण के अनुसार थाना चोपन जनपद सोनभद्र में वर्ष 2022 में एक गंभीर दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। इस संबंध में थाना चोपन में मुक़दमा अपराध संख्या 134/2022 अंतर्गत धारा 376 ए बी भारतीय दंड संहिता तथा धारा 5एम 6 पॉक्सो एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। मामले की विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा साक्ष्य संकलन पीड़िता का बयान चिकित्सीय परीक्षण तथा अन्य आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया गया। मा न्यायालय एएसजे एसपीएल पॉक्सो सोनभद्र द्वारा दोष सिद्ध होने पर आरोपी को धारा 5एम 6 पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत कठोर आजीवन कारावास तथा एक लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि अर्थदण्ड अदा न करने की स्थिति में दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साथ ही पॉक्सो एक्ट में निहित प्रावधान के अनुसार आजीवन कारावास का तात्पर्य दोषी के शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक कारावास से है।

दोषी अभियुक्त का नाम और पता

देवशाह पुत्र लालता प्रसाद

निवासी केम्हापान पनारी

थाना चोपन

जनपद सोनभद्र

इस मामले में सजा दिलाने में थाना चोपन पुलिस की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। विवेचक द्वारा साक्ष्यों का सटीक संकलन और केस डायरी का प्रभावी प्रस्तुतीकरण किया गया। इसके साथ ही कोर्ट मोहर्रिर अभियोजन पक्ष और जनपद मॉनिटरिंग सेल के सतत प्रयासों से न्यायालय में मजबूत पैरवी सुनिश्चित की गई। अभियोजन द्वारा तथ्यों और साक्ष्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया जिसके चलते आरोपी के विरुद्ध दोष सिद्ध हो सका।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह फैसला समाज में एक सख्त संदेश देता है कि महिला और बाल अपराधों के मामलों में कानून पूरी कठोरता के साथ कार्रवाई करेगा। ऐसे अपराधों में लिप्त कोई भी आरोपी कानून की पकड़ से बच नहीं सकेगा। साथ ही यह निर्णय पीड़िताओं और उनके परिजनों के लिए भरोसे का प्रतीक है कि न्याय व्यवस्था उनके साथ खड़ी है।

जनपद सोनभद्र पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के महिला या बाल अपराध की जानकारी तत्काल पुलिस को दें ताकि समय रहते कार्रवाई कर दोषियों को सजा दिलाई जा सके। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के माध्यम से पुलिस का प्रयास है कि गंभीर अपराधों में दोषियों को त्वरित और कठोर सजा दिलाकर समाज में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाए।