सोनभद्र: राबर्ट्सगंज में छत से गिरकर 16 वर्षीय छात्रा की मौत, परिवार में मातम

By
Dilip Kumar
Dilip Kumar is the Associate Editor at News Report, a registered Hindi newspaper committed to ethical, factual, and responsible journalism. He plays a key role in...
3 Min Read
सोनभद्र में छत से गिरने के बाद 16 वर्षीय छात्रा अरुणिमा सिंह की मौत हो गई।

सोनभद्र के राबर्ट्सगंज में 16 वर्षीय छात्रा अरुणिमा सिंह की छत से गिरकर मौत, परिवार में शोक

सोनभद्र जनपद के राबर्ट्सगंज स्थित जिला पंचायत रोड पर एक दुखद हादसे में 16 वर्षीय छात्रा अरुणिमा सिंह की उपचार के दौरान मौत हो गई। वह अपने घर की छत पर सीबीएसई बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रही थी, इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर गई। गंभीर हालत में उसे वाराणसी के बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर किया गया, जहां रविवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिवार और आसपास के लोगों में शोक का माहौल है।

छत पर पढ़ाई के दौरान हुआ हादसा

राबर्ट्सगंज जिला पंचायत रोड, विमला स्कूल के सामने रहने वाले वीरेश प्रताप सिंह की पुत्री अरुणिमा सिंह शनिवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे घर की छत पर बैठकर परीक्षा की तैयारी कर रही थी। बताया जा रहा है कि कुछ देर पढ़ाई करने के बाद वह छत पर टहलने लगी। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सिर के बल नीचे गिर पड़ी।

तेज आवाज सुनकर बड़े पापा देव प्रताप सिंह बाहर पहुंचे तो उन्होंने अरुणिमा को जमीन पर गंभीर अवस्था में पड़ा देखा। परिवार के सदस्य तत्काल उसे उठाकर राबर्ट्सगंज के एक निजी चिकित्सालय ले गए, जहां प्राथमिक उपचार किया गया।

बीएचयू ट्रामा सेंटर में तोड़ा दम

निजी अस्पताल में स्थिति गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उसे वाराणसी स्थित बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार शुरू किया गया, लेकिन सिर में गंभीर चोट के कारण उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका। रविवार सुबह करीब आठ बजे उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

परीक्षा की तैयारी कर रही थी छात्रा

अरुणिमा सीबीएसई बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटी थी। परिजनों के अनुसार वह पढ़ाई को लेकर गंभीर थी और नियमित रूप से तैयारी कर रही थी। अचानक हुए इस हादसे ने परिवार की खुशियों को गहरे शोक में बदल दिया।

परिवार में पसरा मातम

अरुणिमा दो बहनों में छोटी थी। उसकी बड़ी बहन बाहर रहकर पढ़ाई कर रही है। पिता वीरेश प्रताप सिंह एलआईसी में कार्यरत हैं और घटना के समय हरिद्वार में थे। सूचना मिलते ही वह तत्काल वापस लौट आए। बेटी के असामयिक निधन से परिवार में कोहराम मच गया। रविवार दोपहर बाद वाराणसी में अरुणिमा का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मोहल्ले और आसपास के लोगों ने परिवार को ढांढस बंधाया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के हादसे अक्सर असावधानी या सुरक्षा उपायों की कमी के कारण हो जाते हैं। घटना ने एक बार फिर घरों की छतों पर सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता की आवश्यकता की ओर ध्यान आकर्षित किया है। फिलहाल परिवार गहरे शोक में है और पूरे इलाके में संवेदना व्यक्त की जा रही है।