UP Board Exam 2026 विषय और जेंडर कोड में सुधार का अंतिम अवसर 20 मार्च तक स्वीकृति जरूरी
UP Board Exam 2026 को लेकर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षार्थियों को विषय एवं जेंडर कोड में त्रुटि सुधार का अंतिम अवसर दिया है। बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिन विद्यार्थियों के विषय या जेंडर कोड में त्रुटि रह गई है, उनका संशोधन कर उन्हें 18 फरवरी से शुरू हो रही परीक्षा में शामिल कराया जाए। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि कई अवसर दिए जाने के बावजूद त्रुटि ठीक न करने वाले संबंधित प्रधानाचार्यों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रश्नपत्र आपूर्ति के बाद भी संशोधन के निर्देश
बोर्ड सचिव ने कहा है कि प्रश्नपत्रों की जनपदवार और केंद्रवार आपूर्ति पहले ही की जा चुकी है। ऐसी स्थिति में जिन परीक्षार्थियों के विषयों में संशोधन आवश्यक है, उन्हें संशोधित विषय के अनुरूप परीक्षा में सम्मिलित कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके लिए संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय के अपर सचिव से हर हाल में 20 मार्च तक स्वीकृति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था छात्रहित को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है ताकि किसी भी विद्यार्थी को तकनीकी त्रुटि के कारण परीक्षा से वंचित न होना पड़े।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से मिला था अवसर
UP Board Exam 2026 के संदर्भ में बोर्ड ने पहले भी कई बार त्रुटि सुधार का अवसर प्रदान किया था। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट को प्रधानाचार्यों के माध्यम से छात्र छात्राओं के शैक्षिक विवरणों में सुधार के लिए कई बार सक्रिय किया गया था। इसके अतिरिक्त अवशेष रह गई त्रुटियों के निस्तारण के लिए प्रधानाचार्यों से प्राप्त ऑफलाइन आवेदन पत्रों को क्षेत्रीय कार्यालयों की संस्तुति के आधार पर भी स्वीकार कर संशोधन का मौका दिया गया।
इसके बावजूद कुछ जनपदों से यह सूचना मिली है कि कई विद्यार्थियों के विषय एवं जेंडर कोड में त्रुटियां अब भी बनी हुई हैं। बोर्ड सचिव ने इसे संबंधित प्रधानाचार्यों की लापरवाही मानते हुए जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों में जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
जेंडर कोड त्रुटि से बदला परीक्षा केंद्र
बोर्ड के संज्ञान में यह भी आया है कि कुछ छात्राओं का जेंडर गलत अंकित हो जाने के कारण उनका परीक्षा केंद्र बालकों के केंद्र में दूर चला गया है। वहीं कुछ बालकों के जेंडर में त्रुटि के कारण उन्हें बालिका के रूप में दर्ज कर लिया गया, जिससे उन्हें स्वकेंद्र की सुविधा मिल गई। इस प्रकार की विसंगतियों को गंभीरता से लेते हुए बोर्ड ने स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किए हैं।
निर्देश के अनुसार जिन छात्राओं का जेंडर त्रुटिवश गलत दर्ज हुआ है, उनकी परीक्षा उसी केंद्र पर कराई जाए जो उस विद्यालय की अन्य बालिकाओं के लिए निर्धारित है, ताकि वे स्वकेंद्र की सुविधा से वंचित न हों। इसी प्रकार जिन बालकों के जेंडर में त्रुटि हुई है, उनकी परीक्षा उस केंद्र पर सुनिश्चित की जाए जहां उसी विद्यालय के अन्य बालक परीक्षार्थियों का केंद्र निर्धारित है। जिला विद्यालय निरीक्षकों को इस व्यवस्था का कड़ाई से अनुपालन कराने को कहा गया है।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
UP Board Exam 2026 को लेकर बोर्ड ने साफ संकेत दिए हैं कि छात्रहित सर्वोपरि है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन जनपदों या विद्यालयों ने समय रहते सुधार प्रक्रिया पूरी नहीं की, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शेष त्रुटियों का तत्काल निराकरण कर विद्यार्थियों को परीक्षा में बिना किसी बाधा के शामिल कराया जाए।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 18 फरवरी से शुरू हो रही है। ऐसे में बोर्ड की यह पहल हजारों विद्यार्थियों के लिए राहत भरी मानी जा रही है। अब संबंधित विद्यालयों और अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त कर संशोधन प्रक्रिया पूर्ण करें, ताकि किसी भी छात्र छात्रा का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित न हो।
