यूपी बोर्ड परीक्षा में पेपर खराब होने पर जौनपुर छात्रा ने ट्रेन के सामने कूदकर दी जान

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यूपी बोर्ड परीक्षा के तनाव में एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली।

यूपी बोर्ड परीक्षा के तनाव में छात्रा ने ट्रेन के सामने कूदकर दी जान, जीआरपी ने शव पोस्टमार्टम को भेजा

जौनपुर जिले में चल रही यूपी बोर्ड परीक्षा के बीच एक दर्दनाक घटना सामने आई है। हिंदी का पेपर खराब होने से तनावग्रस्त 16 वर्षीय छात्रा ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना जंघई जौनपुर रेलमार्ग पर रेलवे फाटक से कुछ दूरी पर घटी। सूचना मिलते ही जीआरपी जंघई पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

सोशल साइंस की परीक्षा देने जा रही थी छात्रा

मीरगंज थाना क्षेत्र के चौकी कला गांव निवासी सुरेश जैसवार की पुत्री गरिमा जैसवार हाईस्कूल की छात्रा थी। वह आरडी मेमोरियल मॉडर्न कॉन्वेंट इंटरमीडिएट कॉलेज जंघई प्रयागराज में अध्ययनरत थी। उसका परीक्षा केंद्र श्रीदेवी प्रसाद इंटर कॉलेज पिलखिनी जंघई प्रयागराज में निर्धारित था।

शुक्रवार की सुबह लगभग 7 बजे गरिमा साइकिल से सोशल साइंस की परीक्षा देने घर से निकली थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उसने जंघई रेलवे फाटक के पूर्वी हिस्से में साइकिल खड़ी की और जौनपुर से प्रयागराज की ओर जा रही एजे पैसेंजर ट्रेन के सामने कूद गई।

घटना से क्षेत्र में सनसनी

घटना की सूचना मिलते ही मीरगंज और सराय ममरेज थाने की पुलिस के साथ आरपीएफ और जीआरपी जंघई मौके पर पहुंच गए। शव जीआरपी क्षेत्र में होने के कारण आगे की कार्रवाई जीआरपी द्वारा की गई। आवश्यक पंचनामा की कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

हिंदी का पेपर खराब होने से थी परेशान

परिवार के सदस्यों के अनुसार गरिमा का हिंदी का प्रश्नपत्र ठीक नहीं गया था और उसके तीन प्रश्न छूट गए थे। इस बात को लेकर वह घर लौटने के बाद काफी तनाव में थी। चचेरे चाचा राजेश कुमार ने बताया कि वह परीक्षा को लेकर मानसिक दबाव महसूस कर रही थी।

जीआरपी प्रभारी अरुण कुमार मिश्रा ने बताया कि परिजनों ने प्रारंभिक तौर पर हिंदी का पेपर ठीक नहीं जाने की वजह से छात्रा के तनाव में होने की बात कही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।

परिवार में मचा कोहराम

घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। एक होनहार छात्रा की असमय मृत्यु से गांव में भी शोक का माहौल है। परीक्षा के दबाव और मानसिक तनाव को लेकर यह घटना कई सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा के दौरान अभिभावकों और शिक्षकों को बच्चों की मानसिक स्थिति पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

यदि कोई विद्यार्थी या अभिभावक अत्यधिक तनाव या मानसिक परेशानी महसूस कर रहे हों, तो समय रहते परामर्श लेना और संवाद बनाए रखना बेहद आवश्यक है।