जौनपुर: मोबाइल शोरूम में चोरी करते पकड़े गए दो सिपाही, एसपी ने किया सस्पेंड

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Sandeep Srivastava
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जौनपुर के मोबाइल शोरूम में आईफोन चोरी करते पुलिस सिपाही CCTV में कैद

जौनपुर में दो सिपाही चोरी करते सीसीटीवी में कैद, मोबाइल शोरूम से आईफोन बदलने का मामला उजागर

जौनपुर जिले में पुलिस विभाग की छवि को प्रभावित करने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने वाले दो सिपाही खुद एक मोबाइल शोरूम से महंगा आईफोन बदलते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए। मामला लाइन बाजार थाना क्षेत्र का है, जहां शनिवार 7 फरवरी की दोपहर जेसीज चौराहे के पास स्थित एक मोबाइल शोरूम में यह पूरी घटना हुई। फुटेज सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में चर्चा तेज हो गई और पुलिस महकमे की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे।

महंगे मोबाइल देखने के बहाने पहुंचे थे शोरूम

जानकारी के अनुसार दो सिपाही दोपहर के समय शोरूम पर पहुंचे और वहां मौजूद महिला स्टाफ से महंगे आईफोन दिखाने को कहा। दोनों करीब बीस मिनट तक अलग अलग मॉडल देखते रहे। बातचीत और निरीक्षण के दौरान माहौल सामान्य बनाए रखा गया ताकि किसी को किसी तरह का संदेह न हो। इसी बीच एक सिपाही ने अपनी जेब से पुराना आईफोन निकाला और काउंटर पर रखे नए आईफोन से उसे बदल दिया। पूरी प्रक्रिया इतनी सहजता से की गई कि स्टाफ को तत्काल किसी गड़बड़ी का आभास नहीं हुआ। इसके बाद दोनों सिपाही यह कहते हुए शोरूम से निकल गए कि उन्हें मोबाइल पसंद नहीं आया।

स्टॉक मिलान में खुली चोरी की पोल

कुछ घंटों बाद शोरूम मालिक शिवम ने रोज की तरह स्टॉक का मिलान किया तो एक महंगा आईफोन गायब मिला। पहले उन्हें लगा कि शायद फोन किसी अन्य काउंटर पर रखा गया होगा, लेकिन काफी तलाश के बाद भी जब मोबाइल नहीं मिला तो उन्होंने शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी। फुटेज में साफ दिखाई दिया कि दो सिपाही मोबाइल बदलते नजर आ रहे हैं। वीडियो देखकर दुकानदार के होश उड़ गए। पहचान के आधार पर दोनों सिपाहियों के नाम मिथिलेश यादव और धनंजय बिंद सामने आए।

करीब एक लाख बासठ हजार रुपये का था मोबाइल

दुकानदार शिवम ने बताया कि चोरी किया गया मोबाइल आईफोन 15 मैक्स था, जिसकी कीमत करीब एक लाख बासठ हजार रुपये है। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों में से एक सिपाही पहले उनकी दुकान के ऊपर संचालित डिजिटल लाइब्रेरी में पढ़ने आता जाता था, जिससे पहचान करना आसान हो गया। घटना की पुष्टि के लिए शिवम ने सीसीटीवी फुटेज अपने व्हाट्सएप ग्रुप में साझा किया, जहां लगभग दो सौ लोगों ने वीडियो देखा और संबंधित सिपाहियों की पहचान की पुष्टि की।

पुलिस अधिकारियों को दी गई शिकायत, तत्काल हुई कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित दुकानदार ने संबंधित पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया और वीडियो साक्ष्य के साथ एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव से मुलाकात की। शिकायत मिलते ही अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। रविवार को पुलिस ने चोरी किया गया मोबाइल बरामद कर दुकानदार को वापस कराया। साथ ही दोनों सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें निलंबित कर दिया गया।

पुलिस विभाग की साख पर उठे सवाल

इस घटना ने आम लोगों के बीच विश्वास और जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है। जिस विभाग पर कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी है, उसी विभाग के कर्मियों का इस तरह की घटना में शामिल होना चिंता का विषय माना जा रहा है। हालांकि अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्रवाई से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि अनुशासनहीनता या आपराधिक कृत्य किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं बाजार की सुरक्षा व्यवस्था और ग्राहकों के भरोसे को प्रभावित करती हैं। वहीं पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।