वाराणसी में बैंक कर्मचारियों का प्रदर्शन बढ़ते कार्यदबाव के खिलाफ पांच दिवसीय कार्य प्रणाली की मांग तेज
वाराणसी में बैंक कर्मचारियों पर लगातार बढ़ते कार्यदबाव और मानसिक तनाव के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले जोरदार धरना प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और चंद्रा टावर स्थित यूबीआई बैंक के कार्यालय के सामने आयोजित हुआ जिसमें बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी और अधिकारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सप्ताह में पांच कार्यदिवस की प्रणाली को शीघ्र लागू करने की मांग करते हुए कहा कि मौजूदा व्यवस्था में सीमित स्टाफ और बढ़ते लक्ष्यों के कारण कर्मचारियों का कार्य जीवन संतुलन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है जिससे सेवा की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर आयोजित इस आंदोलन में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि पांच दिवसीय बैंकिंग प्रणाली की मांग नई नहीं है बल्कि यह पूर्व में हुए कई द्विपक्षीय समझौतों और चर्चाओं का हिस्सा रही है। भारतीय बैंक संघ द्वारा इस पर सहमति जताए जाने के बावजूद सरकार स्तर पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। संगठन के नेताओं ने कहा कि बार बार दिए गए आश्वासन केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं जिससे बैंक कर्मियों में गहरी निराशा है।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा के सामने हुए धरना प्रदर्शन का नेतृत्व स्टेट बैंक स्टाफ एसोसिएशन वाराणसी अंचल के महामंत्री कामरेड मनोज सिंह ने किया। उनके साथ अरुण कुमार रामाश्रय राम अमरेंद्र कुमार पंकज कुमार पंकज राय अभय मिश्र रघुवर तिवारी पीएन सिंह अश्विनी सिंह सहित बड़ी संख्या में बैंककर्मी मौजूद रहे। वक्ताओं ने सरकार से मांग की कि बैंक कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य कार्य जीवन संतुलन और जनता को दी जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए सप्ताह में पांच कार्यदिवस की प्रणाली को तत्काल लागू किया जाए।
इसी क्रम में चंद्रा टावर स्थित यूबीआई बैंक के जोनल कार्यालय पर भी यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर एक दिवसीय शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व भारतीय मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष राजीव कुमार सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारी सीमित संसाधनों और भारी स्टाफ की कमी के बावजूद पूरी ईमानदारी से आम जनता को सेवाएं दे रहे हैं। यदि पांच दिवसीय बैंकिंग प्रणाली लागू होती है तो इससे कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और इसका सीधा लाभ ग्राहकों को मिलेगा।
यूएफबीयू से संबद्ध विभिन्न बैंक यूनियनों के पदाधिकारियों सुंदर लाल अमित वत्स शुभम मिश्रा मानवेंद्र सिंह चंद्रभूषण संतोष राय सहित अन्य सदस्यों ने एक स्वर में इस मांग का समर्थन किया। वक्ताओं ने कहा कि देश के कई विभागों और अनेक देशों में पहले से ही पांच दिवसीय कार्य प्रणाली लागू है ऐसे में बैंकिंग क्षेत्र में भी इसे लागू किया जाना पूरी तरह न्यायसंगत है।
यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक और तीव्र किया जाएगा। पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग को लेकर देशभर में बैंक कर्मियों के आंदोलन और हड़ताल की संभावना लगातार बढ़ रही है। 22 और 23 जनवरी को हुई बैठकों में सहमति नहीं बन पाने के कारण लगातार चार दिन बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। अब 28 जनवरी से बैंकों में सामान्य कामकाज शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। बैंक कर्मचारियों का यह आंदोलन न केवल उनके अधिकारों से जुड़ा है बल्कि भविष्य में बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता और स्थिरता के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
