वाराणसी कमिश्नरेट के काशी जोन क्षेत्र में चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी का एक और ठोस परिणाम सामने आया है। थाना जैतपुरा में पंजीकृत चोरी की संपत्ति से संबंधित एक पुराने मामले में माननीय न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सख्त सजा सुनाई है। यह फैसला न केवल पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि अपराधियों के लिए भी स्पष्ट संदेश है कि कानून से बच पाना आसान नहीं है।
मामला थाना जैतपुरा में पंजीकृत मु0अ0सं0 202/2022 से जुड़ा है, जिसमें धारा 411, 413 और 414 भादवि के अंतर्गत चोरी की संपत्ति के रख रखाव और उपयोग का आरोप था। इस प्रकरण में अभियुक्त परवेज आलम पुत्र जुम्मन निवासी काली माता मंदिर के पास, छोहरा, नई बस्ती, थाना जैतपुरा, वाराणसी को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से साक्ष्य प्रस्तुत किए गए और मॉनिटरिंग सेल द्वारा लगातार केस की निगरानी की गई, जिससे अभियोजन पक्ष मजबूत स्थिति में रहा।
दिनांक 05.02.2026 को माननीय अपर सत्र न्यायाधीश ASJ 05 जनपद वाराणसी ने मामले में निर्णय सुनाते हुए अभियुक्त परवेज आलम को धारा 411, 413 और 414 भादवि में दोष सिद्ध पाया। न्यायालय ने अभियुक्त को अधिकतम 18 माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अभियुक्त पर कुल 6500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि यदि अभियुक्त द्वारा अर्थदंड की राशि अदा नहीं की जाती है, तो उसे अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। धारा 411 के अंतर्गत 03 दिन, धारा 413 के अंतर्गत 07 दिन और धारा 414 के अंतर्गत 03 दिन का अतिरिक्त कारावास निर्धारित किया गया है।
काशी जोन पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह सजा ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान की सफलता का प्रत्यक्ष उदाहरण है। इस अभियान का उद्देश्य गंभीर और लंबित मामलों में गुणवत्तापूर्ण विवेचना और प्रभावी पैरवी के माध्यम से दोषियों को सजा दिलाना है। थाना जैतपुरा पुलिस और मॉनिटरिंग सेल की निरंतर निगरानी के कारण ही यह मामला समयबद्ध रूप से निष्कर्ष तक पहुंच सका।
पुलिस उपयुक्त काशी जोन कार्यालय से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि चोरी और उससे जुड़े अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए इस तरह की सख्त कार्रवाई आवश्यक है। ऐसे मामलों में सजा होने से समाज में कानून के प्रति विश्वास बढ़ता है और अपराधियों में भय पैदा होता है। पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत लंबित और गंभीर मामलों की लगातार समीक्षा कर दोषियों को सजा दिलाने का प्रयास जारी रहेगा।
इस फैसले के बाद स्थानीय स्तर पर भी यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि अब चोरी की संपत्ति खरीदने या रखने वालों के खिलाफ भी कानून सख्ती से लागू हो रहा है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की चोरी या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर अपराध पर अंकुश लगाया जा सके।
