वाराणसी में कांग्रेस पार्टी द्वारा वरुणा नदी के किनारे स्थित शास्त्री घाट पर आयोजित संविधान संवाद रैली के दौरान उस समय भावुक माहौल बन गया, जब कार्यक्रम के प्रारंभ में वरुणा नदी का पूजन किया गया। पूजन के दौरान नदी में बहते मलजल, गंदगी और प्रदूषण की भयावह स्थिति को देखकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सहित उपस्थित कार्यकर्ताओं का मन आहत हो गया। इसी क्रम में एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने मौके पर ही यह संकल्प लिया कि वे मां वरुणा की सफाई के लिए स्वयं मैदान में उतरेंगे।
संविधान संवाद रैली के पश्चात एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने वरुणा नदी की सफाई का कार्य प्रारंभ किया। नदी किनारे फैली गंदगी, प्लास्टिक कचरे और अन्य अपशिष्ट को हटाकर स्वच्छता का संदेश दिया गया। इस दौरान एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष ऋषभ पाण्डेय ने कहा कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के आवाहन पर सभी एनएसयूआई साथी वरुणा नदी की सफाई के लिए प्रेरित हुए हैं। उन्होंने कहा कि काशी देश के प्रधानमंत्री और वाराणसी के सांसद नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है, इसके बावजूद गंगा और वरुणा नदी की सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी जमीनी सच्चाई बेहद निराशाजनक है।
ऋषभ पाण्डेय ने आरोप लगाया कि बीते दिनों वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी और उत्तरी विधानसभा के विधायक रविन्द्र जायसवाल द्वारा वरुणा नदी में ड्रोन से दवा छिड़काव की बात कही गई थी, लेकिन वह केवल जुमला साबित हुई। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में सफाई और संरक्षण के लिए ईमानदार प्रयास हुए होते, तो आज वरुणा नदी की यह स्थिति नहीं होती। एनएसयूआई कार्यकर्ता केवल बयानबाजी नहीं बल्कि श्रमदान के माध्यम से यह दिखाना चाहते हैं कि जनभागीदारी से ही नदियों को बचाया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि वरुणा नदी केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि वाराणसी की पहचान और सांस्कृतिक विरासत है। इसके संरक्षण की जिम्मेदारी सरकार के साथ साथ समाज की भी है। एनएसयूआई के कार्यकर्ता आगे भी नियमित रूप से वरुणा नदी की सफाई करते रहेंगे और जनजागरूकता अभियान चलाएंगे, ताकि प्रशासन पर भी स्थायी समाधान के लिए दबाव बने।
इस स्वच्छता अभियान में एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष ऋषभ पाण्डेय के साथ उपाध्यक्ष संदीप पाल, जिलाध्यक्ष शशांक शेखर, आशु पाण्डेय, जतीन पटेल, सुमित सिंह, विनोद यादव, आशु गौतम सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि मां वरुणा की सफाई और संरक्षण के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
