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वाराणसी के आईपी विजया मॉल की कैंटीन में परोसा गया सड़ा समोसा, प्रबंधन का गैर-जिम्मेदाराना जवाब

वाराणसी के आईपी विजया मॉल की कैंटीन में परोसा गया सड़ा समोसा, प्रबंधन का गैर-जिम्मेदाराना जवाब

वाराणसी के प्रतिष्ठित आईपी विजया मॉल की कैंटीन में नववर्ष पर ग्राहकों को सड़ा खाना परोसा गया, शिकायत पर प्रबंधन ने हेकड़ी दिखाई।

वाराणसी: शहर में खान-पान के शौकीनों के साथ किस स्तर का धोखा हो रहा है, इसकी एक बानगी नए साल के पहले ही दिन देखने को मिली। शहर के पॉश इलाके भेलूपुर स्थित प्रतिष्ठित 'आईपी विजया मॉल' (IP Vijaya Mall), जिसे लोग स्वच्छता और गुणवत्ता का मानक मानते हैं, वहां की कैंटीन ने ग्राहकों की सेहत के साथ जो खिलवाड़ किया है, उसने खाद्य सुरक्षा के दावों की पोल खोलकर रख दी है।

पूरा मामला आज 1 जनवरी 2026 का है, जब नए साल का जश्न मनाने और खरीदारी करने आए ग्राहकों को ताजे नाश्ते की जगह सड़ा-गला भोजन परोसा गया। यह घटना न केवल मॉल प्रशासन की घोर लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करती है कि क्या ऊंची इमारतों में चलने वाली ये दुकानें प्रशासन की नाक के नीचे लोगों को बीमार करने का लाइसेंस लेकर बैठी हैं?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चिरईगांव के रहने वाले हर्षित कुमार मौर्य 1 जनवरी 2026 को सुबह करीब 11:28 बजे आईपी विजया मॉल की कैंटीन में कुछ खाने के उद्देश्य से पहुंचे थे। भूख मिटाने के लिए उन्होंने एक समोसा ऑर्डर किया, लेकिन जैसे ही उन्होंने खाने के लिए समोसे को तोड़ा, तो उसके अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। समोसा अंदर से पूरी तरह सड़ा हुआ था और उससे दुर्गंध आ रही थी। यह केवल एक खराब खाद्य पदार्थ का मामला नहीं था, बल्कि सीधे तौर पर फूड प्वाइजनिंग को निमंत्रण था। एक ऐसे मॉल में, जहाँ लोग स्वच्छता के नाम पर सड़क किनारे की दुकानों से कई गुना अधिक कीमत चुकाते हैं, वहां ऐसी गुणवत्ता का मिलना न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि एक आपराधिक लापरवाही की श्रेणी में आता है।

हद तो तब हो गई जब पीड़ित ग्राहक ने इस जानलेवा लापरवाही की शिकायत वहां मौजूद स्टाफ से की। अपनी गलती मानने और माफी मांगने के बजाय, कैंटीन कर्मियों का रवैया बेहद गैर-जिम्मेदाराना और अहंकार से भरा था। जब हर्षित ने कैंटीन मालिक को बुलाने की मांग की, ताकि उन्हें हकीकत दिखाई जा सके, तो वहां मौजूद वर्कर ने बड़ी बेशर्मी से जवाब दिया कि "इतनी छोटी सी बात के लिए मालिक नहीं आएंगे।" यह जवाब दर्शाता है कि उक्त प्रतिष्ठान के लिए ग्राहकों की सेहत और जान की कोई कीमत नहीं है। इस दौरान ग्राहक और स्टाफ के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। समझदारी दिखाते हुए पीड़ित ने मौके पर ही पूरे घटनाक्रम और सड़े हुए समोसे का वीडियो बना लिया, जो अब कैंटीन प्रबंधन के झूठ और लापरवाही का सबसे बड़ा सबूत बन गया है।

इस घटना की खबर लगते ही मॉल में मौजूद अन्य ग्राहकों में भी भारी आक्रोश फैल गया। लोगों का कहना है कि आईपी विजया मॉल जैसे नामचीन स्थान पर अगर खाद्य सुरक्षा के ऐसे हालात हैं, तो यह पूरे शहर के लिए चिंता का विषय है। हर्षित कुमार मौर्य ने सजग नागरिक का परिचय देते हुए न केवल मौके पर विरोध दर्ज कराया, बल्कि संबंधित विभाग में औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई है। अब यह मामला केवल एक समोसे का नहीं, बल्कि सिस्टम की जवाबदेही का है।

स्थानीय लोगों और भुक्तभोगी ग्राहकों ने खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) से मांग की है कि रस्म अदायगी वाली जांच के बजाय इस कैंटीन के खिलाफ एक ऐसी नजीर पेश करने वाली कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में कोई भी प्रतिष्ठान जनता की सेहत से खेलने की जुर्रत न कर सके। विभाग द्वारा मामले को संज्ञान में लेकर जांच की बात कही गई है, लेकिन जनता को इंतजार उस सख्त कार्रवाई का है जो कागजों से निकलकर धरातल पर दिखाई दे।

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