काशी विद्यापीठ छात्र को जान से मारने की धमकी, सोशल मीडिया पर उत्पीड़न का आरोप, FIR दर्ज

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Savan Nayak
Savan Nayak is the Bureau Chief for Uttar Pradesh at News Report, a registered Hindi newspaper. He specializes in ground reporting on crime, law and order,...
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काशी विद्यापीठ के छात्र आशुतोष तिवारी हर्षित को सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी मिली है।

काशी विद्यापीठ के छात्र को जान से मारने की धमकी, सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट का आरोप

सिगरा थाने में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर, बीएनएस और आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज

अमित मिश्रा की रिपोर्ट : वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय के छात्र आशुतोष तिवारी हर्षित को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। छात्र ने इस संबंध में सिगरा थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर बीएनएस की धारा 351(4) और आईटी एक्ट की धारा 67 सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।

आशुतोष तिवारी हर्षित विश्वविद्यालय में एमए पॉलिटिकल साइंस के छात्र हैं और छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि पिछले दो से तीन दिनों से कुछ अज्ञात लोग सोशल मीडिया पर उनकी फोटो का दुरुपयोग कर असत्य, भ्रामक और आपत्तिजनक पोस्ट प्रसारित कर रहे हैं।

डायरेक्ट मैसेज और कमेंट के जरिए मिल रही धमकियां

हर्षित का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर न केवल उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है, बल्कि डायरेक्ट मैसेज और पोस्ट पर किए गए कमेंट के माध्यम से उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इन धमकियों के कारण वह मानसिक रूप से काफी परेशान हैं और भय के माहौल में रह रहे हैं।

छात्र ने यह भी बताया कि उनके परिजन सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे कमेंट और पोस्ट देखकर चिंतित हैं और सुरक्षा कारणों से उन्हें घर वापस आने की सलाह दे रहे हैं। उन्होंने पुलिस से अनुरोध किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

पीछा किए जाने का भी आरोप

आशुतोष तिवारी ने अपनी तहरीर में यह भी उल्लेख किया है कि हाल के दिनों में जब भी वह छात्रावास से बाहर निकलते हैं, उन्हें ऐसा महसूस होता है कि कोई उनका पीछा कर रहा है। इस कारण वह सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने से भी बच रहे हैं और छात्रावास से बाहर निकलने में भय महसूस कर रहे हैं।

उन्होंने पुलिस से सुरक्षा सुनिश्चित करने और सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक सामग्री की जांच कर संबंधित अकाउंट की पहचान करने की मांग की है।

पुलिस ने शुरू की जांच

सिगरा थाना प्रभारी संजय मिश्रा ने बताया कि छात्र की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बीएनएस की धारा 351(4) और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत केस पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस साइबर टीम की मदद से संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट और पोस्ट की जांच कर रही है। आरोपियों की पहचान कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।

पूर्व विवाद भी रहा चर्चा में

उल्लेखनीय है कि हाल ही में आशुतोष तिवारी हर्षित ने पान दरीबा चौकी इंचार्ज रोहित तिवारी पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने पान दरीबा रोड स्थित बकरामंडी को अवैध बूचड़खाना बताते हुए चौकी इंचार्ज पर उसे चलवाने के एवज में धन लेने का आरोप लगाया था। हालांकि इस संबंध में डीसीपी काशी जोन ने स्पष्ट किया था कि वह स्थान कोई बूचड़खाना नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी बकरा मंडी है।

इस पूरे प्रकरण के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। फिलहाल पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि धमकियों और भ्रामक पोस्ट का इस पूर्व विवाद से कोई संबंध है या नहीं।

पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक या भ्रामक सामग्री साझा करने से बचें। साथ ही यह भी कहा गया है कि किसी भी व्यक्ति को धमकी देने या उसकी छवि खराब करने का प्रयास कानूनन दंडनीय अपराध है।