वाराणसी में 5 साल बाद 25 हजार का इनामी गिरफ्तार, 101 मोबाइल चोरी के मामलों में था वांछित
अमित मिश्रा की रिपोर्ट : वाराणसी में मोबाइल चोरी के मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे शातिर आरोपी को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कैंट थाना पुलिस ने गुरुवार सुबह कार्रवाई करते हुए 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी श्रवण महतो को अंबेडकर चौराहे के पास से दबोच लिया। आरोपी पिछले पांच वर्षों से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था और उसके खिलाफ न्यायालय से वारंट भी जारी था।
101 मोबाइल चोरी के मामलों में था शामिल
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी श्रवण महतो उर्फ मोकामा, बाबूपुर (थाना तीन पहाड़, जिला साहेबगंज, झारखंड) का निवासी है। वह मोबाइल चोरी के संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य था और अब तक 101 मोबाइल चोरी के मामलों में वांछित था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह चोरी किए गए मोबाइल फोन को बेचने के नेटवर्क से भी जुड़ा हुआ था।
2021 में दर्ज हुआ था मामला
इस मामले की शुरुआत 4 जनवरी 2021 को हुई थी, जब अर्दली बाजार चौकी प्रभारी बनारसी यादव की तहरीर पर कैंट थाने में मोबाइल चोरी और बिक्री से संबंधित मुकदमा दर्ज किया गया था। शुरुआती जांच में पुलिस ने एक आरोपी और दो किशोरों को गिरफ्तार कर उनके पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए थे।
जांच के दौरान श्रवण महतो का नाम सामने आया, जिसके बाद से वह लगातार फरार चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी, लेकिन वह गिरफ्त से बाहर था।
25 हजार का इनाम घोषित
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए डीसीपी वरुणा जोन द्वारा 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी और उसे पकड़ने के लिए विशेष रणनीति के तहत कार्रवाई की जा रही थी।
सुबह 7:30 बजे अंबेडकर चौराहे से गिरफ्तारी
कैंट थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्र के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे अंबेडकर चौराहे के पास घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को थाने लाकर पूछताछ की गई और आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत मिश्र, वरिष्ठ उपनिरीक्षक राम केवल यादव, कांस्टेबल मनमोहन कुमार और कांस्टेबल शैलेन्द्र पाल की अहम भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की भी तलाश की जा रही है।
संगठित गिरोह के नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चोरी किए गए मोबाइल कहां-कहां बेचे जाते थे और इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्य कौन हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से मोबाइल चोरी के कई मामलों का खुलासा हो सकता है।
पुलिस की बड़ी सफलता
पांच साल से फरार इनामी आरोपी की गिरफ्तारी को वाराणसी पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। इससे शहर में मोबाइल चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है। पुलिस का कहना है कि आगे भी ऐसे अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
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