वाराणसी: नगर निगम की 70 बकायेदारों को दो-टूक, 3 दिन में चुकाएं टैक्स वरना दुकानें होंगी कुर्क

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Sandeep Srivastava
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वाराणसी में नगर निगम अधिकारियों द्वारा दुकानदारों को किराया भुगतान के लिए अंतिम चेतावनी नोटिस जारी करते हुए

वाराणसी: नगर निगम ने बकाया राजस्व की वसूली को लेकर अब पूरी तरह सख्त रुख अपना लिया है। इसी क्रम में भैंसा वाड़ा और नया चौक क्षेत्र की 70 दुकानों को दोबारा अंतिम नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि तीन दिन के भीतर बकाया किराया जमा नहीं किया गया, तो दुकानों का आवंटन निरस्त कर पुलिस बल की सहायता से उन्हें खाली कराया जाएगा। नगर निगम की इस सख्त कार्रवाई की चेतावनी से संबंधित दुकानदारों में अफरा-तफरी का माहौल है।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, लंबे समय से किराया बकाया रखने वाले दुकानदारों को बार-बार अवसर दिए गए, लेकिन इसके बावजूद भुगतान को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई। निगम ने पहले ही किराया जमा करने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। प्रत्येक दुकान पर क्यूआर कोड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, ताकि दुकानदार बिना किसी परेशानी के ऑनलाइन भुगतान कर सकें। इसके बावजूद कुछ दुकानदार जानबूझकर भुगतान में हीलाहवाली करते रहे, जिससे निगम को सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव ने बताया कि इससे पहले लगभग 600 दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए थे। अधिकांश ने बकाया जमा कर दिया, लेकिन लगातार अनदेखी करने वाले दुकानदारों के खिलाफ अब सीधे कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम किसी भी स्थिति में बकाया राजस्व को लंबित नहीं रहने देगा और नियमों के तहत कठोर कदम उठाए जाएंगे।

नगर निगम की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, जिन 70 दुकानों को अंतिम नोटिस दिया गया है, उन पर कुल 28 लाख 57 हजार 693 रुपये का किराया बकाया है। इसमें भैंसा वाड़ा क्षेत्र की 25 दुकानों पर 14 लाख 36 हजार 631 रुपये और नया चौक क्षेत्र की 45 दुकानों पर 14 लाख 21 हजार 062 रुपये का बकाया शामिल है। यह सभी दुकानें लंबे समय से किराया जमा नहीं कर रही थीं।

सहायक नगर आयुक्त ने बताया कि दुकानदारों को अंतिम रूप से तीन दिन की मोहलत दी गई है। तय समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं होने की स्थिति में पहले दुकानों का आवंटन निरस्त किया जाएगा। इसके बाद भी यदि सहयोग नहीं मिला, तो पुलिस बल की मौजूदगी में दुकानों के ताले तोड़कर उन्हें नगर निगम के कब्जे में ले लिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि नगर निगम के अधीन शहरभर में लगभग 1800 दुकानें हैं और आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम की इस सख्ती का असर राजस्व वसूली पर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में जहां दुकानों से मात्र 80 लाख रुपये की वसूली हो सकी थी, वहीं 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर 2.72 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 3.80 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों में दुकान किराए की वसूली लगभग पौने पांच गुना बढ़ी है, और आगे भी बकायेदारों के खिलाफ सख्त अभियान जारी रहेगा।