वाराणसी बनेगा बॉक्सिंग का हब, अप्रैल से शुरू होगा नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंसी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में खेलों को नई दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है। शहर जल्द ही बॉक्सिंग का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। भारतीय बॉक्सिंग संघ के महासचिव प्रमोद कुमार ने जानकारी दी कि अप्रैल माह से सिगरा स्थित डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) का नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंसी शुरू किया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोच देंगे प्रशिक्षण
इस सेंटर की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोच खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देंगे। इससे स्थानीय और देशभर के युवा बॉक्सरों को विश्वस्तरीय सुविधाएं और मार्गदर्शन मिल सकेगा।
प्रमोद कुमार ने बताया कि उद्देश्य यह है कि खिलाड़ी शुरुआत से ही अंतरराष्ट्रीय माहौल में प्रशिक्षण लें, ताकि भविष्य में उन्हें बड़े टूर्नामेंट में किसी तरह की चुनौती का सामना न करना पड़े।
बीएचयू सेंटर का भी होगा उन्नयन
वाराणसी में खेल सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण के केंद्र को भी अपग्रेड किया जाएगा। इससे खिलाड़ियों को और अधिक संसाधन और बेहतर प्रशिक्षण वातावरण मिलेगा।
उच्च स्तरीय बॉक्सिंग रिंग और प्रतियोगिताएं
शहर में जल्द ही उच्च गुणवत्ता वाले बॉक्सिंग रिंग तैयार किए जाएंगे। इसके साथ ही वाराणसी में राष्ट्रीय स्तर की बॉक्सिंग प्रतियोगिताओं के आयोजन की भी योजना बनाई जा रही है।
इस पहल से न केवल स्थानीय खिलाड़ियों को मौका मिलेगा, बल्कि देशभर के खिलाड़ी वाराणसी आकर प्रतिस्पर्धा और प्रशिक्षण का लाभ उठा सकेंगे।
ग्रामीण प्रतिभाओं की होगी खोज
जिला बॉक्सिंग संघ की अध्यक्ष डॉ. नीलू मिश्रा ने बताया कि जल्द ही एक विशेष प्रतिभा खोज अभियान शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को सामने लाना और उन्हें उचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
इसके तहत विकास इंटर कॉलेज, परमानंदपुर को सैटेलाइट सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां शुरुआती स्तर पर खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
एकेडमियों का सहयोग और डाटाबेस तैयार
वाराणसी में संचालित विभिन्न बॉक्सिंग एकेडमियों को भी इस पहल से जोड़ा जाएगा। चयन परीक्षण के दौरान इन एकेडमियों का सहयोग लिया जाएगा।
सभी खिलाड़ियों का एक विस्तृत डाटाबेस तैयार किया जाएगा, जिससे उन्हें समय-समय पर प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं और अन्य अवसरों की जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।
थिंक टैंक भी करेगा काम
बॉक्सिंग के विकास के लिए एक थिंक टैंक भी बनाया जाएगा, जिसमें जिले के अनुभवी और वरिष्ठ बॉक्सर शामिल होंगे। यह टीम खेल की रणनीति, प्रशिक्षण और प्रतिभा विकास पर काम करेगी।
वाराणसी को मिलेगा नया खेल पहचान
इस पहल से वाराणसी को एक नई खेल पहचान मिलने की उम्मीद है। यदि योजनाएं सफलतापूर्वक लागू होती हैं, तो आने वाले वर्षों में यह शहर देश के प्रमुख बॉक्सिंग केंद्रों में शामिल हो सकता है।
यह कदम न केवल खिलाड़ियों के भविष्य को संवारने में मदद करेगा, बल्कि क्षेत्र में खेल संस्कृति को भी मजबूत करेगा।
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