वाराणसी कमिश्नरेट के वरुणा जोन क्षेत्र में चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के अंतर्गत पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी का एक और महत्वपूर्ण परिणाम सामने आया है। थाना कैण्ट में पंजीकृत अपहरण के एक पुराने मामले में माननीय न्यायालय ने अभियुक्ता को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। यह फैसला अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
यह मामला थाना कैण्ट, कमिश्नरेट वाराणसी में पंजीकृत मु0अ0सं0 0126/2009 से संबंधित है, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366 और 120बी के अंतर्गत अभियोग दर्ज किया गया था। प्रकरण में अभियुक्ता शीला देवी पत्नी मधुना राजभर, निवासी उदराजपुर थाना रोहनियां, कमिश्नरेट वाराणसी को अपहरण की साजिश और उससे जुड़े आरोपों में नामजद किया गया था। लंबे समय तक विचारण के बाद इस मामले में साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने अपना निर्णय सुनाया।
पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देश पर अपराधों में सजा की दर बढ़ाने और लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के निर्देशन और अपर पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के पर्यवेक्षण में थाना कैण्ट पुलिस तथा मॉनिटरिंग सेल वाराणसी द्वारा इस मामले में निरंतर और प्रभावी पैरवी की गई। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष सभी आवश्यक साक्ष्य और तथ्य मजबूती से प्रस्तुत किए, जिससे मामला निर्णायक मोड़ तक पहुंच सका।
दिनांक 05.02.2026 को माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एडीजे 5, जनपद वाराणसी ने अभियुक्ता शीला देवी को धारा 363 और 120बी भादवि के अंतर्गत दोष सिद्ध पाया। न्यायालय ने अभियुक्ता को कुल तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई, साथ ही उस पर 10,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि यदि अभियुक्ता द्वारा अर्थदंड की राशि अदा नहीं की जाती है, तो उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं धारा 366 और 120बी भादवि के आरोप में अभियुक्ता को दोषमुक्त कर दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह फैसला ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान की सफलता को दर्शाता है, जिसके तहत गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इससे न केवल पीड़ित पक्ष को न्याय मिला है, बल्कि समाज में यह संदेश भी गया है कि कानून अपना काम समय के साथ पूरा करता है और अपराधी अंततः सजा से बच नहीं सकते।
वरुणा जोन पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे लंबित और गंभीर मामलों की लगातार समीक्षा कर अभियोजन को मजबूत किया जाएगा। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य है कि अपराधियों में कानून का भय बना रहे और आम नागरिकों का न्याय प्रणाली पर विश्वास और अधिक मजबूत हो।
