वाराणसी: गेस्ट हाउस की आड़ में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़, हेल्पलाइन की एक कॉल से खुला राज

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वाराणसी पुलिस ने गेस्ट हाउस में छापा मारकर सेक्स रैकेट का किया खुलासा

वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के संसदीय क्षेत्र में अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने एक बार फिर अपना कड़ा रुख स्पष्ट कर दिया है। भदैनी मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने एक सुनियोजित छापेमारी के दौरान शहर के हृदय स्थल के पास चल रहे एक हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस पूरी कार्रवाई की सबसे खास बात यह रही कि यह सफलता सीधे जनता और पुलिस के बीच बढ़ते समन्वय का परिणाम है, जहाँ एक सतर्क नागरिक की गुप्त सूचना ने पुलिस को इस गिरोह तक पहुँचाया।

वाराणसी पुलिस द्वारा जारी की गई ‘सीपी संवाद’ हेल्पलाइन (9670705555) पर मिली एक गुप्त सूचना ने इस पूरे मामले की नींव रखी। एसीपी मुख्यालय अपूर्वा पांडेय ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि हेल्पलाइन पर एक कॉलर ने बेहद सटीक जानकारी दी थी कि त्रिदेव मंदिर के ठीक सामने स्थित विजय लक्ष्मी गेस्ट हाउस के कमरों में पिछले कुछ समय से अनैतिक देह व्यापार का संचालन किया जा रहा है। सूचना की संवेदनशीलता को देखते हुए, पुलिस कमिश्नरेट ने बिना समय गंवाए इसे गंभीरता से लिया और तत्काल एक विशेष कार्यबल का गठन कर कार्रवाई के निर्देश जारी किए।

छापेमारी और मौके से हुई बरामदगी

एसीपी मुख्यालय के नेतृत्व में एसओजी-2 टीम ने गेस्ट हाउस की घेराबंदी कर जब छापेमारी शुरू की, तो वहां का नजारा संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि करने के लिए पर्याप्त था। टीम ने गेस्ट हाउस के एक कमरे से तीन युवतियों और एक ग्राहक को आपत्तिजनक स्थिति में रंगे हाथों पकड़ा। पुलिस को तलाशी के दौरान कमरे से कई आपत्तिजनक सामग्रियां भी बरामद हुई हैं, जो सीधे तौर पर इस संगठित व्यापार की ओर इशारा करती हैं। पुलिस ने मौके से न केवल संलिप्त लोगों को हिरासत में लिया, बल्कि गेस्ट हाउस संचालक को भी दबोच लिया, जिसकी भूमिका इस पूरे नेटवर्क में संदिग्ध मानी जा रही है।

सिंडिकेट की जांच और पुलिस का सख्त रुख

इस कार्रवाई के बाद अब पुलिस की सुई केवल इन गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं है। अधिकारियों का मानना है कि यह किसी बड़े सिंडिकेट या संगठित गिरोह का हिस्सा हो सकता है जो बाहरी राज्यों या शहरों से युवतियों को लाकर इस धंधे में धकेलता है। एसीपी अपूर्वा पांडेय ने स्पष्ट किया कि पुलिस अब इस नेटवर्क की जड़ों तक जाने की कोशिश कर रही है। यह जांच का विषय है कि यह रैकेट कितने समय से फल-फूल रहा था और क्या इसमें कुछ अन्य सफेदपोश चेहरे भी पर्दे के पीछे से अपनी भूमिका निभा रहे थे। गेस्ट हाउस संचालक से की जा रही पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।

वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने इस घटना के बाद शहर के अन्य होटलों और गेस्ट हाउस मालिकों को भी कड़ा संदेश दिया है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत शहर की पवित्रता और सुरक्षा से समझौता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्यवाही शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि तकनीक और जनता की सतर्कता के मेल से पुलिस अपराध पर प्रभावी अंकुश लगा सकती है।