वाराणसी में सड़क सुरक्षा को लेकर सख्ती: बिना सर्विस लेन वाले पेट्रोल पंपों पर कार्रवाई, लाइसेंस निरस्तीकरण के निर्देश
अमित मिश्रा की रिपोर्ट : वाराणसी में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें दुर्घटनाओं के कारणों और रोकथाम के उपायों पर विस्तृत समीक्षा की गई।
IRAD डेटा से सामने आए हादसों के प्रमुख कारण
बैठक में इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस (IRAD) के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। इसमें पाया गया कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं पेट्रोल पंपों, ढाबों, चौराहों, अंडरपास, मुख्य मार्ग से जुड़ने वाली सर्विस लेन और मर्जिंग प्वाइंट के आसपास हो रही हैं।
इस पर जिलाधिकारी ने बिना समुचित सर्विस लेन के संचालित पेट्रोल पंपों और सीएनजी स्टेशनों पर कड़ी नाराजगी जताई और एनएचएआई तथा लोक निर्माण विभाग (PWD) को ऐसे प्रतिष्ठानों की सूची तैयार कर उनके लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई के निर्देश दिए।
बार-बार नियम तोड़ने वालों के लाइसेंस होंगे निलंबित
जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग को निर्देशित किया कि जो चालक बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करते हैं, उनके ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित किया जाए। गंभीर मामलों में लाइसेंस निरस्त करने की भी कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही ऐसे वाहनों के पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) को भी निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बिना पार्किंग वाले विवाह भवनों पर होगी कार्रवाई
बैठक में यह भी सामने आया कि कई विवाह भवन बिना पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था के संचालित हो रहे हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है। इस पर जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को ऐसे विवाह स्थलों की पहचान कर उनके पंजीकरण और लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए।
दुर्घटना के बाद 5 मिनट में मिले चिकित्सा सहायता
दुर्घटनाओं के बाद त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी ने एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी को निर्देशित किया कि वे प्रमुख दुर्घटना संभावित मार्गों के आसपास स्थित अस्पतालों की सूची तैयार करें।
साथ ही एआरटीओ को निर्देश दिया गया कि महत्वपूर्ण जंक्शनों की सूची स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराई जाए, ताकि एंबुलेंस की तैनाती इस प्रकार की जा सके कि दुर्घटना स्थल पर 5 मिनट के भीतर सहायता पहुंच सके।
डायल-100 पीआरवी वाहनों में भी नजदीकी अस्पतालों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
स्कूल वाहनों की सुरक्षा पर विशेष जोर
विद्यालय वाहनों की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। एआरटीओ को सभी स्कूलों को स्पीड गवर्नर, लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस, सीट बेल्ट जैसे आवश्यक उपकरणों की चेकलिस्ट उपलब्ध कराने और 100 प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा, सभी ऐसे वाहनों की सूची तैयार करने को कहा गया है जो विद्यार्थियों का परिवहन कर रहे हैं, चाहे वे विद्यालय से संबद्ध हों या नहीं। विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि सभी वाहन निर्धारित मानकों का पालन करें।
रोडवेज और विद्यालय प्रबंधन को चालकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, हृदय और नेत्र जांच कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
नाबालिगों के वाहन चलाने पर सख्ती
जिलाधिकारी ने नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में अभिभावकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, भारी जुर्माना लगाया जाए और आवश्यकतानुसार वाहन का पंजीकरण भी निरस्त किया जाए।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में अपर जिलाधिकारी (नगर) आलोक वर्मा, एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्रा, एआरटीओ सुधांशु रंजन, पीटीओ अखिलेश पांडेय सहित एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
निष्कर्ष
वाराणसी में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन का यह सख्त रुख दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि इन निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो शहर में यातायात व्यवस्था अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित हो सकेगी।
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