77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर भारत की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला। पूरे विश्व की निगाहें इस ऐतिहासिक परेड पर टिकी रहीं, जहां थल सेना वायु सेना और नौसेना के शौर्य के साथ साथ विभिन्न राज्यों की रंग बिरंगी झांकियों ने देश की एकता और सांस्कृतिक समृद्धि को प्रस्तुत किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में आयोजित इस परेड ने राष्ट्रीय गौरव और आत्मविश्वास का संदेश दिया।
गणतंत्र दिवस परेड देखने के लिए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी कर्तव्य पथ पहुंचे। पिछले वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह में उनकी अनुपस्थिति को लेकर उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। इस बार उनकी मौजूदगी को राजनीतिक और सार्वजनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर राहुल गांधी की परेड देखते हुए कई तस्वीरें और वीडियो सामने आए। कुछ वीडियो को लेकर चर्चाएं भी हुईं, हालांकि आधिकारिक स्तर पर इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
परेड में लगभग छह हजार सैनिकों और अठारह मार्चिंग कंटिनजेंट्स ने हिस्सा लिया। इनके साथ तेरह सैन्य बैंड भी शामिल रहे। इस वर्ष भैरव लाइट कमांडो बटालियन पहली बार गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बनी। आधुनिक हथियार प्रणालियों से सुसज्जित नई आर्टिलरी रेजिमेंट शक्तिबान ने भी अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। इसके अलावा ड्रोन और आधुनिक युद्ध प्रणालियों ने भारतीय सेना की तकनीकी प्रगति को दर्शाया।
कर्तव्य पथ पर 61 कैवेलरी के घुड़सवारों का परंपरागत और प्रभावशाली प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र रहा। राजपूत रेजिमेंट असम रेजिमेंट जैक ली और आर्टिलरी कंटिनजेंट्स ने अनुशासन और साहस का परिचय देते हुए मार्च किया। परेड के समापन के बाद वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने दिल्ली के आकाश में अपनी शक्ति और कौशल का प्रदर्शन किया जिसे दर्शकों ने तालियों के साथ सराहा।
इस अवसर पर भारत के विशेष अतिथि के रूप में यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व की भी उपस्थिति रही। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी परेड देखने कर्तव्य पथ पहुंचे। उनकी मौजूदगी ने भारत और यूरोप के बीच मजबूत होते कूटनीतिक संबंधों को रेखांकित किया।
वायु सेना की फ्लाईपास्ट में इस वर्ष कुल 29 लड़ाकू विमानों ने भाग लिया। राफेल सुखोई तीस मिग उनतीस और जैगुआर जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान एक साथ उड़ान भरते नजर आए। इसके साथ ही 129 हेलीकॉप्टर यूनिट के चार एमआई सत्रह एक वी हेलीकॉप्टरों ने ध्वज फॉर्मेशन में पुष्पवर्षा कर परेड को भव्य समापन दिया। इस हेलीकॉप्टर फॉर्मेशन का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन आलोक अहलावत ने किया।
समग्र रूप से 77वें गणतंत्र दिवस की परेड ने भारत की सैन्य क्षमता सांस्कृतिक विविधता और वैश्विक कूटनीतिक मजबूती का सशक्त संदेश दिया और यह आयोजन देशवासियों के लिए गर्व का क्षण बन गया।
