वाराणसी पहुंचीं अभिनेत्री भाग्यश्री ने बाबा काल भैरव और बाबा विश्वनाथ के किए दर्शन गंगा आरती में हुईं शामिल
वाराणसी: काशी में आज शुक्रवार को बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री भाग्यश्री ने अपने आध्यात्मिक प्रवास की शुरुआत काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव के दर्शन और पूजन से की। सुपरहिट फिल्म मैंने प्यार किया से घर घर में पहचान बनाने वाली अभिनेत्री ने विधि विधान से बाबा काल भैरव का पूजन किया और प्रदेश तथा देशवासियों के सुख समृद्धि और मंगल की कामना की। मंदिर में उन्होंने पुष्पहार दुपट्टा सरसों का तेल और मिष्ठान अर्पित किया। दर्शन के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही और धार्मिक वातावरण के बीच पूजा संपन्न हुई।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ विधिवत पूजन
बाबा काल भैरव मंदिर में महंत पंडित अवशेष पांडेय पंडित अभय पांडेय और पंडित सतीश पांडेय ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ काल भैरवाष्टकम का पाठ कराया और विधिवत पूजन संपन्न कराया। पूजन के बाद कन्हैया दुबे केडी ने अभिनेत्री को बाबा का प्रसाद और अंगवस्त्र भेंट किया जिसे उन्होंने श्रद्धापूर्वक स्वीकार किया। दर्शन के बाद भाग्यश्री ने कहा कि काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव की कृपा से ही उनका वाराणसी आगमन संभव हो सका। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे स्वयं बाबा ने उन्हें काशी आने का बुलावा दिया हो।
दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती का लिया दिव्य अनुभव
शुक्रवार शाम अभिनेत्री भाग्यश्री विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पहुंचीं जहां उन्होंने मां गंगा की भव्य आरती में सहभागिता की। वैदिक मंत्रोच्चार शंखध्वनि और सैकड़ों दीपों की रोशनी के बीच उन्होंने मां गंगा का पूजन अर्चन किया और आरती का दर्शन किया। गंगा तट का आध्यात्मिक वातावरण और आरती की भव्यता को देखकर वह भावविभोर नजर आईं। उन्होंने मां गंगा के समक्ष देश और विश्व में सुख शांति और समृद्धि की प्रार्थना भी की।
गंगोत्री सेवा समिति ने किया स्वागत
गंगा आरती के उपरांत गंगोत्री सेवा समिति ट्रस्ट की ओर से सचिव दिनेश शंकर दुबे ने अभिनेत्री भाग्यश्री का पुष्पगुच्छ अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत और सम्मान किया। इस अवसर पर उन्हें काशी की प्राचीन धार्मिक परंपराओं मां गंगा की महिमा तथा विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व की जानकारी भी दी गई। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि दशाश्वमेध घाट पर प्रतिदिन होने वाली गंगा आरती केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति सनातन परंपरा और काशी की आध्यात्मिक पहचान का वैश्विक प्रतीक बन चुकी है। इसी कारण देश और विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक इस दिव्य आयोजन का साक्षी बनने के लिए वाराणसी पहुंचते हैं।
श्री काशी विश्वनाथ धाम में भी किए दर्शन
गंगा आरती के बाद अभिनेत्री श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचीं जहां उन्होंने बाबा विश्वनाथ के दर्शन और पूजन किए। इसके साथ ही उन्होंने काशी के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी जाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। दर्शन के बाद उन्होंने कहा कि काशी केवल पर्यटन का शहर नहीं बल्कि आत्मिक अनुभूति का केंद्र है। यहां आकर व्यक्ति स्वयं को नए रूप में पहचानता है। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से बाबा विश्वनाथ के दर्शन करना चाहती थीं और वर्ष पूरा होने से पहले उनकी यह इच्छा पूरी हो गई। उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि बाबा का बुलावा अपने आप आ गया।
काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से हुईं प्रभावित
भाग्यश्री ने कहा कि काशी का आध्यात्मिक वातावरण गंगा तट की दिव्यता और यहां की प्राचीन धार्मिक परंपराएं उनके जीवन के सबसे अविस्मरणीय अनुभवों में शामिल रहेंगी। उन्होंने काशी की कला संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत की सराहना करते हुए कहा कि यह शहर केवल आस्था का केंद्र नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति की जीवंत पहचान भी है। वाराणसी की इस यात्रा के दौरान उन्होंने धर्म और अध्यात्म से जुड़े विभिन्न स्थलों का दर्शन कर अपने अनुभव साझा किए और देश तथा समाज की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
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