वाराणसी में विद्युत कर्मियों की सुरक्षा को लेकर नई पहल शुरू
वाराणसी: रोहनिया क्षेत्र स्थित विद्युत वितरण उपखंड प्रथम बड़ागांव के अंतर्गत करसड़ा विद्युत उपकेंद्र के उपखंड अधिकारी राजेश यादव ने विद्युत कर्मियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य लाइनमैन और अन्य तकनीकी कर्मचारियों को शट डाउन के दौरान अधिक सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है ताकि कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को कम किया जा सके। विभागीय आदेश जारी होने के बाद करसड़ा विद्युत उपकेंद्र से इसका पालन भी तत्काल शुरू करा दिया गया है।
शट डाउन के बाद भरना होगा कार्य विवरण प्रपत्र
उपखंड अधिकारी की ओर से जारी निर्देश के अनुसार अब किसी भी विद्युत कार्य के लिए शट डाउन लेने के बाद संबंधित तकनीकी कर्मचारी को निर्धारित प्रपत्र में कार्य स्थल और समस्या का पूरा विवरण दर्ज करना होगा। इसके साथ ही जिस फीडर पर कार्य किया जा रहा होगा वहां कार्य करने वाले लाइनमैन के नाम का बोर्ड भी लगाया जाएगा। इससे यह स्पष्ट रहेगा कि संबंधित फीडर पर किस कर्मचारी द्वारा कार्य किया जा रहा है और अनजाने में विद्युत आपूर्ति बहाल होने जैसी स्थिति से बचाव किया जा सकेगा।
सुरक्षा संबंधी निर्देशों का सख्ती से पालन करने के आदेश
कार्यालय उपखंड अधिकारी विद्युत वितरण उपखंड प्रथम बड़ागांव की ओर से जारी आदेश में तकनीकी कर्मचारियों के लिए कई महत्वपूर्ण सुरक्षा निर्देश भी दिए गए हैं। इनमें हमेशा लिखित रूप से शट डाउन लेना और देना, शट डाउन लेने के बाद पावर हाउस में शट डाउन प्लेट लगाना, कम से कम पांच बार इसकी पुष्टि करना, ट्रॉली निकालकर कार्य करना, केवल शट डाउन प्राप्त लाइन पर ही कार्य करना तथा वोल्टेज डिटेक्टर से विद्युत प्रवाह की जांच करना शामिल है। इसके अलावा कार्य के दौरान सुरक्षा जूते पहनना, लाइन पर कार्य करते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करना, कार्य शुरू करने से पहले तार को अर्थ रॉड से जोड़ना, किसी भी प्रकार के दबाव में कार्य नहीं करना और पूरी एकाग्रता के साथ कार्य करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मोबाइल के माध्यम से शट डाउन लेने और देने पर रोक
जारी आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि शट डाउन लेने और देने की प्रक्रिया मोबाइल फोन के माध्यम से नहीं की जाएगी। सभी तकनीकी कर्मचारियों और उपकेंद्र प्रभारियों को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी प्रकार की लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। विभाग ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से सुरक्षा नियमों का पूरी गंभीरता के साथ पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
करसड़ा विद्युत उपकेंद्र से शुरू हुआ पालन
उपखंड अधिकारी राजेश यादव के निर्देश जारी होने के तुरंत बाद करसड़ा विद्युत उपकेंद्र से इस व्यवस्था का पालन भी शुरू कर दिया गया है। अब प्रत्येक कार्य स्थल पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक विवरण दर्ज कराया जा रहा है तथा संबंधित फीडर पर कार्यरत लाइनमैन के नाम का बोर्ड भी लगाया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि यह व्यवस्था कार्यस्थल पर पारदर्शिता बढ़ाने के साथ साथ तकनीकी कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी प्रभावी साबित होगी।
पृष्ठभूमि
विद्युत लाइनों पर कार्य के दौरान शट डाउन प्रक्रिया का सही तरीके से पालन नहीं होने पर गंभीर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। ऐसे में रोहनिया क्षेत्र के करसड़ा विद्युत उपकेंद्र में शुरू की गई यह पहल तकनीकी कर्मचारियों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विभाग को उम्मीद है कि इस व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन से कार्य के दौरान होने वाली संभावित दुर्घटनाओं में कमी आएगी और सभी कर्मचारी अधिक सुरक्षित वातावरण में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकेंगे।
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