रामनगर की सड़कों पर गड्ढों का संकट, 25 सितंबर से शुरू हो रही विश्वप्रसिद्ध रामलीला के बीच व्यवस्था पर सवाल
किला रोड से लेकर मोहल्लों की गलियों तक बदहाली, एलएंडटी की खोदाई और बारिश से आवागमन प्रभावित
रामनगर (वाराणसी)। काशी की ऐतिहासिक नगरी रामनगर इन दिनों सड़क और गलियों की बदहाल स्थिति को लेकर चर्चा में है। एक ओर रामनगर की विश्वप्रसिद्ध रामलीला 25 सितंबर 2026 से विधिवत शुरू होने जा रही है, वहीं दूसरी ओर नगर क्षेत्र की कई प्रमुख सड़कों और गलियों में गड्ढे, खोदाई और खराब मार्ग लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। रामनगर की पहचान केवल काशी नरेश की ऐतिहासिक विरासत और प्राचीन किले से ही नहीं, बल्कि यहां आयोजित होने वाली विश्वप्रसिद्ध रामलीला से भी है। रामलीला के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालुओं और दर्शकों का रामनगर पहुंचना होता है। ऐसे में सड़कों की स्थिति और आवागमन की व्यवस्था का मुद्दा स्थानीय लोगों के साथ साथ बाहर से आने वाले लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण बन गया है।
रामलीला से पहले सड़कों की बदहाली बनी चिंता का विषय
रामनगर में किला रोड सहित कई प्रमुख मार्गों और मोहल्लों की गलियों में सड़क की स्थिति खराब होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार कई स्थानों पर सड़क की खोदाई के बाद मार्गों को पहले की स्थिति में नहीं लाया गया है। बारिश के कारण इन स्थानों पर मिट्टी और गड्ढों की समस्या और बढ़ गई है। इससे पैदल चलने वाले लोगों, दोपहिया वाहन चालकों और अन्य राहगीरों को आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर सड़क की सतह असमान होने के कारण लोगों को संभलकर गुजरना पड़ता है।
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार बिजली विभाग और एलएंडटी कंपनी की ओर से कराई गई खोदाई के बाद कुछ मार्गों की स्थिति प्रभावित हुई है। बारिश के बाद सड़क की हालत और खराब होने की बात भी सामने आई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क निर्माण और मरम्मत से जुड़ी योजनाओं के दौरान यदि खोदाई के बाद मार्गों को व्यवस्थित तरीके से बहाल नहीं किया जाता है तो आम लोगों को लंबे समय तक परेशानी उठानी पड़ती है। रामलीला शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसे में लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग समय रहते सड़कों और गलियों की स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करें।
वार्ड 65 के पार्षद रामकुमार यादव ने नगर आयुक्त को सौंपा पत्र
रामनगर की सड़क और गलियों की समस्या को लेकर नगर निगम वाराणसी के वार्ड नंबर 65 पुराना रामनगर के पार्षद रामकुमार यादव ने नगर आयुक्त को पत्र सौंपकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। 19 सितंबर 2026 को दिए गए पत्र में पार्षद ने रामनगर में एलएंडटी कंपनी की ओर से कराई गई खोदाई के बाद उत्पन्न स्थिति का उल्लेख किया है। पत्र में कहा गया है कि रामनगर की विश्वप्रसिद्ध रामलीला 25 सितंबर से शुरू होने जा रही है। रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में खराब सड़कों और गलियों के कारण श्रद्धालुओं तथा दर्शकों को आवागमन में परेशानी हो सकती है।
पार्षद रामकुमार यादव ने नगर निगम प्रशासन से संबंधित मार्गों और गलियों की स्थिति का संज्ञान लेते हुए आवश्यक मरम्मत तथा व्यवस्था कराने का आग्रह किया है। पत्र के माध्यम से यह मांग उठाई गई है कि रामलीला शुरू होने से पहले सड़क और गलियों की स्थिति को सुधारने के लिए संबंधित विभागों के स्तर पर कार्रवाई की जाए। पार्षद की ओर से उठाया गया यह मुद्दा स्थानीय नागरिकों की उस चिंता से जुड़ा है जिसमें वे रामलीला के दौरान सुगम और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था चाहते हैं।
संवाददाता से बातचीत में पार्षद ने रखी अपनी बात
इस संबंध में जब न्यूज रिपोर्ट के संवाददाता ने स्थानीय पार्षद रामकुमार यादव से बातचीत की तो उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्होंने रामनगर की सड़कों और गलियों की स्थिति सुधारने की आवश्यकता पर जोर दिया। पार्षद ने एलएंडटी की ओर से कराई गई खोदाई के बाद उत्पन्न समस्या तथा आगामी रामलीला को ध्यान में रखते हुए मार्गों की मरम्मत और व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग रखी है। उनका कहना है कि रामनगर की रामलीला यहां की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में रामलीला देखने आने वाले लोगों को आवागमन में अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
पार्षद की ओर से नगर आयुक्त को दिए गए पत्र का उद्देश्य संबंधित विभागों का ध्यान सड़क और गलियों की समस्या की ओर आकर्षित करना है। हालांकि पार्षद की बातचीत का विस्तृत शब्दशः बयान उपलब्ध नहीं है। इसलिए उनके नाम से कोई अतिरिक्त या अप्रमाणित कथन प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है। पत्र में दर्ज मांगों के अनुसार नगर निगम प्रशासन से सड़क और गलियों की स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कराने का आग्रह किया गया है।
किला रोड सहित प्रमुख मार्गों की मरम्मत की मांग
स्थानीय नागरिकों की मांग है कि रामनगर के किला रोड सहित रामलीला से जुड़े प्रमुख मार्गों और मोहल्लों की गलियों का तत्काल निरीक्षण कराया जाए। जहां सड़क पर गड्ढे हैं वहां आवश्यक मरम्मत कराई जाए और जिन स्थानों पर किसी विभाग या कंपनी की ओर से खोदाई की गई है वहां सड़क को मानक के अनुसार बहाल किया जाए। लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत केवल ऊपरी स्तर पर करने के बजाय खोदाई वाले स्थानों को उचित तरीके से भरकर मजबूत बनाया जाना चाहिए, ताकि बारिश के बाद दोबारा समस्या उत्पन्न न हो।
रामनगर में सड़क व्यवस्था का सवाल केवल स्थानीय आवागमन तक सीमित नहीं है। यहां की रामलीला धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा आयोजन है। रामलीला के विभिन्न प्रसंगों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग नगर के अलग अलग हिस्सों में पहुंचते हैं। ऐसे में प्रमुख मार्गों, गलियों और आयोजन स्थलों तक पहुंचने वाले रास्तों की स्थिति का प्रभाव श्रद्धालुओं और दर्शकों की सुविधा पर पड़ सकता है। यही वजह है कि रामलीला से पहले सड़क व्यवस्था को लेकर स्थानीय स्तर पर आवाज उठाई जा रही है।
प्रशासन की कार्रवाई पर स्थानीय लोगों की नजर
रामनगर की सड़कों और गलियों की स्थिति को लेकर पार्षद की ओर से नगर आयुक्त को पत्र दिए जाने के बाद अब स्थानीय लोगों की नजर नगर निगम प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्रवाई पर है। लोगों को उम्मीद है कि रामलीला शुरू होने से पहले खराब मार्गों, खुले गड्ढों और खोदाई वाले स्थानों की स्थिति का आकलन कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। सड़क मरम्मत के साथ साथ मार्गों पर आवागमन की सुविधा बनाए रखना भी जरूरी होगा, ताकि स्थानीय निवासियों और बाहर से आने वाले दर्शकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
रामनगर की ऐतिहासिक पहचान और विश्वप्रसिद्ध रामलीला को देखते हुए सड़क व्यवस्था का मुद्दा गंभीर सार्वजनिक सुविधा से जुड़ा विषय है। अब देखना यह है कि नगर निगम प्रशासन पार्षद रामकुमार यादव की मांग पर किस स्तर पर कार्रवाई करता है और क्या 25 सितंबर से शुरू होने वाली रामलीला से पहले रामनगर के प्रमुख मार्गों और गलियों की स्थिति में सुधार हो पाता है। फिलहाल स्थानीय नागरिकों की मांग स्पष्ट है कि सड़कों की मरम्मत, खोदाई वाले स्थानों की बहाली और सुगम आवागमन की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए।
पृष्ठभूमि
रामनगर वाराणसी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा प्रमुख नगर है। यहां स्थित काशी नरेश का ऐतिहासिक किला और विश्वप्रसिद्ध रामलीला इसकी विशेष पहचान हैं। प्रत्येक वर्ष रामलीला के आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक रामनगर पहुंचते हैं। वर्ष 2026 में रामलीला की विधिवत शुरुआत 25 सितंबर से होने की जानकारी सामने आई है। इसी बीच सड़क और गलियों की बदहाल स्थिति को लेकर वार्ड 65 के पार्षद रामकुमार यादव ने नगर आयुक्त को पत्र सौंपकर मरम्मत और व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
LATEST NEWS