रामनगर के लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में जांच के पैसे लेने के आरोप पर हंगामा, दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा
रामनगर (वाराणसी): रामनगर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में सोमवार की दोपहर पैथोलॉजी में जांच को लेकर हंगामा हो गया। मरीजों और उनके परिजनों ने जांच के नाम पर पैसे लिए जाने और निर्धारित क्रम से पहले कुछ लोगों की जांच किए जाने का आरोप लगाते हुए विरोध किया। इसी बात को लेकर स्वास्थ्यकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों से मरीजों के परिजनों की बहस हो गई। मामला बढ़ने के बाद दोनों पक्षों में हाथापाई हुई और अस्पताल की कुछ खिड़कियां भी टूट गईं। सूचना मिलने पर रामनगर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। मामले में मरीज के परिजन और अस्पताल के मुख्य चिकित्साधिकारी की अलग अलग तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
टीबी मरीज पत्नी को दिखाने अस्पताल पहुंचे थे प्रभु नारायण सोनकर
पुलिस को दी गई तहरीर में पुरानापुल, थाना सारनाथ निवासी प्रभु नारायण सोनकर ने बताया कि सोमवार को वह अपनी पत्नी मंजू सोनकर को इलाज के लिए रामनगर अस्पताल लेकर पहुंचे थे। उनकी पत्नी का टीबी का इलाज डॉ रॉबिन दुबे की ओर से किया जा रहा है। डॉक्टर ने उनकी पत्नी की खून की जांच लिखी थी। इसके बाद प्रभु नारायण सोनकर अपनी पत्नी को लेकर अस्पताल की पैथोलॉजी पहुंचे और जांच के लिए अपने नंबर का इंतजार करने लगे। उनका आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों से पैसे लेकर बिना नंबर के उनकी जांच कराई जा रही थी। उन्होंने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताई।
अभद्रता और मारपीट का लगाया आरोप
प्रभु नारायण सोनकर का आरोप है कि उनके विरोध करने पर सुरक्षाकर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों ने उनके साथ गाली गलौज शुरू कर दी और उन्हें जमीन पर पटककर मारपीट की। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह पेशे से अधिवक्ता हैं। उनके अनुसार जब उनकी मरीज पत्नी मंजू सोनकर उन्हें बचाने के लिए आगे आईं तो उनके साथ भी अभद्रता की गई और उन्हें धक्का दिया गया। प्रभु नारायण सोनकर ने अपनी तहरीर में पत्नी का मंगलसूत्र छीन लिए जाने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि पूरी घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है और फुटेज से घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा सकती है।
प्रभु नारायण सोनकर ने पुलिस को दी शिकायत में यह भी कहा कि घटना के समय अस्पताल में अन्य चिकित्सक और मुख्य चिकित्साधिकारी मौजूद थे, लेकिन उनके अनुसार किसी ने भी उन्हें बचाने का प्रयास नहीं किया। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद ही हो सकेगी।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने भी दर्ज कराया मुकदमा
घटना के बाद लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल रामनगर के मुख्य चिकित्साधिकारी पीआर मिश्रा की ओर से भी पुलिस को तहरीर दी गई। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति ने सुरक्षाकर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों पर पैसे लेकर रक्त की जांच करने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू किया। आरोप है कि इसके बाद मारपीट और तोड़फोड़ की गई। मुख्य चिकित्साधिकारी के अनुसार उक्त व्यक्ति उनके कक्ष में भी घुस आया और उनके साथ गाली गलौज करते हुए धमकी दी। इस मामले में उन्होंने सरकारी कार्य में बाधा डालने और अस्पताल में हुई तोड़फोड़ को लेकर कार्रवाई की मांग की।
दोनों पक्षों की तहरीर पर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
रामनगर थाना प्रभारी संजय मिश्रा के अनुसार इस प्रकरण में प्रभु नारायण सोनकर की तहरीर पर बीएनएस की धारा (115(2), 352, 74, 3(5), और 304(2)) के तहत पैथोलॉजी रामनगर अस्पताल के लैब असिस्टेंट, गार्ड और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी पीआर मिश्रा की तहरीर पर सरकारी कार्य में बाधा डालने के अलावा बीएनएस की धारा (191(2), 190, 221, 121(2), 115(2), 117(2), 132, 352 और 351(2)) में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार मामले की जांच की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस ने अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को जांच का महत्वपूर्ण आधार बनाया है। घटना के दौरान पैथोलॉजी परिसर और अस्पताल के अन्य हिस्सों में हुई गतिविधियों की फुटेज की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा दर्ज होने के बाद अस्पताल में जांच व्यवस्था, कथित मारपीट, अभद्रता, तोड़फोड़ और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोपों की पुलिस स्तर से जांच जारी है।
जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी घटना की पूरी तस्वीर
रामनगर के लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में हुई इस घटना में एक ओर मरीज के परिजन ने पैथोलॉजी में जांच के लिए पैसे लिए जाने, मारपीट और महिला के साथ अभद्रता सहित मंगलसूत्र छीने जाने के आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर अस्पताल प्रशासन ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट, गाली गलौज और तोड़फोड़ का आरोप लगाया है। दोनों पक्षों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज होने के बाद अब पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ था और किन लोगों की भूमिका रही। पुलिस सीसीटीवी फुटेज तथा उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे जांच कर रही है।
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