लकड़ी और कपड़े से तैयार होगा इको फ्रेंडली पंडाल, आकर्षक विद्युत सजावट के बीच दिखेगा आस्था और पर्यावरण संरक्षण का संगम
वाराणसी/रामनगर। धर्म, आस्था और भारतीय संस्कृति की परंपराओं के लिए विशिष्ट पहचान रखने वाले रामनगर में दुर्गा पूजा महोत्सव को लेकर तैयारियां तेज होने लगी हैं। मां दुर्गा की आराधना को भव्य और यादगार स्वरूप देने के साथ इस वर्ष श्रद्धालुओं के बीच पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचाने की विशेष पहल की जा रही है। श्री दुर्गा पूजा समिति, चौक, रामनगर ने आगामी दुर्गा पूजा महोत्सव को लेकर निर्णय लिया है कि इस बार पूजा पंडाल का निर्माण पर्यावरण के अनुकूल तरीके से किया जाएगा। लकड़ी और कपड़े से तैयार होने वाला पंडाल धार्मिक आस्था के साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी देगा। समिति का उद्देश्य है कि मां दुर्गा के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को आकर्षक सजावट और आध्यात्मिक वातावरण के साथ पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझने का अवसर भी मिले।
श्री दुर्गा पूजा समिति, चौक, रामनगर की आवश्यक बैठक समिति के उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार जायसवाल ‘कक्कू’ के आवास पर संपन्न हुई। बैठक में आगामी दुर्गा पूजा महोत्सव को भव्य एवं व्यवस्थित ढंग से आयोजित करने, पंडाल की सजावट, श्रद्धालुओं के स्वागत-सत्कार और धार्मिक आयोजन को आकर्षक स्वरूप देने सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष पंडाल निर्माण में पर्यावरण के अनुकूल सामग्रियों को प्राथमिकता दी जाएगी। पंडाल में लकड़ी और कपड़े का प्रयोग किया जाएगा, जबकि अन्य उपयोगी सामग्रियों के चयन में भी पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को प्राथमिकता देने पर जोर रहेगा। समिति का प्रयास है कि पंडाल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रसारित हो और श्रद्धालु उत्सव के साथ स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण के महत्व को भी समझें।
भव्यता के साथ सामाजिक दायित्वों पर भी रहेगा जोर
बैठक की अध्यक्षता कर रहे समिति के पूर्व अध्यक्ष जय प्रकाश गुप्ता ने कहा कि श्री दुर्गा पूजा समिति, चौक, रामनगर इस वर्ष भी पूजा आयोजन को भव्य और दिव्य स्वरूप देने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि इस बार इको फ्रेंडली पंडाल के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। धार्मिक आयोजनों की भव्यता के साथ सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करना भी आवश्यक है। समिति का प्रयास है कि पंडाल की सुंदरता, आकर्षक विद्युत सजावट और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाओं के माध्यम से ऐसा वातावरण तैयार किया जाए, जिसमें आस्था के साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश भी शामिल हो। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में समिति के सदस्यों और सहयोगियों की सामूहिक भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
समिति की योजना के अनुसार, पंडाल को आकर्षक रूप देने के लिए विद्युत सजावट की भी व्यवस्था की जाएगी। मां दुर्गा के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक वातावरण के साथ सुंदर साज-सज्जा देखने को मिलेगी। आयोजन की तैयारियों में पंडाल निर्माण और सजावट के साथ श्रद्धालुओं के स्वागत-सत्कार पर भी ध्यान दिया जा रहा है। समिति का मानना है कि धार्मिक उत्सवों के माध्यम से समाज को सकारात्मक संदेश देने का अवसर मिलता है। ऐसे में पर्यावरण अनुकूल सामग्री से पंडाल तैयार करने की पहल उत्सव की परंपरा को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का प्रयास है।
चार दिनों तक वितरित होगा विशेष प्रसाद
दुर्गा पूजा महोत्सव की खास बात यह होगी कि इस बार श्रद्धालुओं के बीच चार दिनों तक विशेष प्रसाद का वितरण किया जाएगा। समिति के महामंत्री संतोष द्विवेदी ने बैठक का संचालन करते हुए इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूजा पंडाल में मां दुर्गा के दर्शन करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को चार दिनों तक विशेष प्रसाद वितरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सहभागिता, आपसी सद्भाव और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने का अवसर भी है। समिति की कोशिश है कि आयोजन में शामिल होने वाला प्रत्येक श्रद्धालु मां के दर्शन के साथ आत्मीयता और अपनत्व का अनुभव लेकर लौटे।
महामंत्री संतोष द्विवेदी ने यह भी बताया कि पूजा पंडाल में आने वाले अतिथियों का समिति की ओर से सम्मान किया जाएगा। आयोजन को सफल, सुव्यवस्थित और यादगार बनाने के लिए सभी सदस्यों से सहयोग की अपेक्षा की गई है। समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों के बीच हुई चर्चा में तैयारियों को बेहतर ढंग से पूरा करने और आयोजन में सामूहिक सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। विशेष प्रसाद वितरण और अतिथियों के सम्मान की व्यवस्था को महोत्सव का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
रामनगर की सांस्कृतिक परंपरा में विशेष स्थान रखता है दुर्गा पूजा महोत्सव
रामनगर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान में दुर्गा पूजा जैसे सार्वजनिक आयोजनों का विशेष महत्व है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को मां दुर्गा की आराधना का अवसर मिलता है, वहीं समाज के विभिन्न वर्गों को एक साथ आने और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का मंच भी मिलता है। इसी परंपरा के बीच इको फ्रेंडली पंडाल की पहल धार्मिक उत्सव को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने की दिशा में एक प्रयास है। लकड़ी और कपड़े से पंडाल निर्माण तथा पर्यावरण अनुकूल सामग्रियों के इस्तेमाल पर जोर देकर समिति यह संदेश देना चाहती है कि उत्सव की सुंदरता और प्रकृति की सुरक्षा को साथ लेकर चला जा सकता है।
आकर्षक विद्युत सजावट, चार दिनों तक विशेष प्रसाद वितरण और अतिथियों के सम्मान की व्यवस्था के साथ इस बार का दुर्गा पूजा महोत्सव श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनने की उम्मीद है। समिति की पहल धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण के प्रति जागरूकता को भी जोड़ती है। यदि सार्वजनिक आयोजनों में पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को प्राथमिकता दी जाए, तो उत्सवों के माध्यम से समाज में जिम्मेदार नागरिक व्यवहार को प्रोत्साहित किया जा सकता है।
बैठक में समिति के सदस्य रहे उपस्थित
बैठक में समिति के उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार जायसवाल ‘कक्कू’, अनिल गुप्ता, संजय सिंह निषाद, सुभाष चौहान, सृजन श्रीवास्तव, राकेश मिश्रा, गंगाराम मौर्या, जितेंद्र सिंह, ऋषभ सिन्हा, विष्णु गुप्ता, मयंक शर्मा, कुँवर कन्नौजिया, दिव्यांश केशरी, उज्ज्वल कुमार, अर्पित केशरी, अमन कुमार और रामबाबू कश्यप सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक सहयोग और सहभागिता के साथ दुर्गा पूजा महोत्सव को भव्य, दिव्य एवं यादगार बनाने के संकल्प पर जोर दिया।
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