महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में 77वां गणतंत्र दिवस पूरे गरिमामय और प्रेरक वातावरण में मनाया गया। पंत प्रशासनिक भवन परिसर में कुलपति प्रो आनंद कुमार त्यागी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर विश्वविद्यालय परिवार को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विद्यार्थियों शिक्षकों और कर्मचारियों की बड़ी उपस्थिति रही और राष्ट्र सेवा के प्रति सामूहिक संकल्प दोहराया गया।
कुलपति प्रो आनंद कुमार त्यागी ने अपने संबोधन में कहा कि गणतंत्र दिवस हमें शिक्षा और राष्ट्र सेवा के माध्यम से देश निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देता है। उन्होंने शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखते हुए सामाजिक दायित्व और मानवीय मूल्यों से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि काशी विद्यापीठ ने सदैव राष्ट्र प्रथम सेवा की भावना को सर्वोच्च स्थान दिया है और यहां के विद्यार्थी शिक्षा के साथ साथ विभिन्न राष्ट्रीय सेवाओं और क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने मानवीय मूल्यों को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के समय प्रारंभ हुई सामाजिक और आर्थिक उपलब्धियों को आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों शिक्षकों और कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे अधिकारों के साथ कर्तव्यों का भी समान रूप से निर्वहन करें ताकि सभी की स्वतंत्रता सुरक्षित रह सके। कुलपति ने महात्मा गांधी चंद्रशेखर आजाद और सुभाष चंद्र बोस जैसे महान क्रांतिकारियों का स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन राष्ट्र सर्वोपरि का संदेश देता है और उसी मार्ग पर चलकर चरित्र निर्माण के साथ राष्ट्र निर्माण का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
प्रो त्यागी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को शिक्षा जगत की चुनौतियों का प्रभावी समाधान बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ने इसे स्नातक और परास्नातक स्तर पर सफलतापूर्वक लागू किया है। उन्होंने बताया कि शोध कार्यों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और विश्वविद्यालय में अकादमिक गतिविधियां लगातार सशक्त हो रही हैं। कोरोना काल में ऑनलाइन शिक्षा की पहल को उन्होंने विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया जो प्रदेश और देश के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी सिद्ध हुई।
उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि तकनीक का सकारात्मक और विवेकपूर्ण उपयोग आवश्यक है। अध्यापकों द्वारा तैयार की गई ई सामग्री विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित हुई है। उन्होंने कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी और रोचक बनाने के लिए तकनीक के संतुलित उपयोग और कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि उद्यमिता और इंटर्नशिप को पाठ्यक्रम में शामिल करने का उद्देश्य विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर और रोजगार सक्षम बनाना है।
इस अवसर पर कुलपति ने उत्कृष्ट सेवाओं के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों कर्मचारियों और आउटसोर्स कर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में परीक्षा वित्त खेलकूद मानविकी उर्दू वाणिज्य और प्रशासनिक विभागों से जुड़े कर्मी शामिल रहे। इससे पूर्व कुलपति ने मानविकी संकाय के सामने स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और राष्ट्ररत्न बाबू शिव प्रसाद गुप्त की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
समारोह में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी शिक्षक और छात्र छात्राएं उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति अनुशासन और शैक्षणिक प्रगति की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी जो महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की राष्ट्र निर्माण और छात्र कल्याण के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
