अयोध्या में राम मंदिर में माघ मेले और गणतंत्र दिवस के सप्ताहांत के चलते श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ उमड़ पड़ी है। रविवार को रामनगरी में आस्था का सैलाब देखने को मिला, जहां तीन लाख से अधिक भक्तों ने रामलला के दर्शन किए। माघ मेले से लौट रहे श्रद्धालुओं और लगातार मिल रहे अवकाश के कारण दर्शनार्थियों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई। इसका असर रेलवे स्टेशन, बस अड्डों से लेकर रामजन्मभूमि पथ और मंदिर परिसर तक साफ नजर आया।
रविवार सुबह दर्शन प्रारंभ होने से पहले ही रामजन्मभूमि पथ की पूरी लेन श्रद्धालुओं से भर गई थी। भोर से ही लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं और जैसे ही सुबह साढ़े छह बजे दर्शन आरंभ हुए, भीड़ और तेज हो गई। दिन भर दर्शन पूजन के बाद श्रद्धालु अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करते रहे। देर शाम तक अनुमानित तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जिससे पूरे शहर में लगातार चहल पहल बनी रही।
मकर संक्रांति के बाद 15 जनवरी से श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। माघ मेले में स्नान कर लौटने वाले भक्तों के साथ साथ गणतंत्र दिवस से पहले मिले अवकाश ने भी भीड़ को और बढ़ा दिया है। दो दिनों का अवकाश एक साथ मिलने के कारण बड़ी संख्या में लोगों ने रामलला के दर्शन की योजना बनाई। इसी के चलते 28 जनवरी तक के सभी ऑफलाइन और ऑनलाइन दर्शन पास पूरी तरह बुक हो चुके हैं। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कर्मियों ने भी पास समाप्त होने की सूचना साझा की है। ऑफलाइन पास छह दिन पूर्व और ऑनलाइन पास पंद्रह दिन पहले बुक होने की व्यवस्था के कारण दोनों ही श्रेणियों में उपलब्धता समाप्त हो गई है।
श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए ट्रस्ट और प्रशासन पहले से ही सतर्क था। दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अतिरिक्त प्रबंध किए गए थे। रविवार की सुबह भीड़ बढ़ने के बाद श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे के साथ दर्शन पथ का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार दिन भर श्रद्धालुओं को निर्बाध दर्शन की सुविधा मिलती रही। सोमवार को गणतंत्र दिवस के दिन भी भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की तैयारियां और मजबूत कर दी गई हैं।
इसी बीच रविवार को माघ शुक्ल सप्तमी तिथि के अवसर पर रामजन्मभूमि परिसर में रथ सप्तमी भी श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर परिसर के परकोटे में स्थित सूर्य मंदिर में भगवान सूर्यदेव की विशेष पूजा अर्चना और आरती संपन्न हुई। धार्मिक आयोजनों और राष्ट्रीय पर्व के संयोग ने अयोध्या को आस्था और उत्सव का केंद्र बना दिया है, जहां श्रद्धालु अनुशासन और भक्ति भाव के साथ दर्शन कर रहे हैं।
