बेगूसराय पुलिस ने मुन्ना सिंह हत्याकांड के एक अहम गवाह की हत्या की साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है। यह साजिश जेल के भीतर से रची गई थी और इसे अंजाम देने के लिए पेशेवर शूटरों को सुपारी दी गई थी। एसटीएफ से मिली गुप्त सूचना के आधार पर नगर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच सुपारी किलर को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से दो पिस्टल एक देसी कट्टा बाइस कारतूस चार मोबाइल फोन और एक बाइक बरामद की गई है। पुलिस की इस कार्रवाई से जिले में बड़ी आपराधिक वारदात टल गई।
पुलिस के अनुसार जेल में बंद कुख्यात अपराधी सूरज और विमलेश उर्फ अमलेश ने गवाह की हत्या के लिए पांच लाख रुपये की सुपारी दी थी। योजना यह थी कि कोर्ट परिसर या उसके आसपास गवाह की हत्या कर दी जाए ताकि मुकदमे को कमजोर किया जा सके। एसटीएफ द्वारा साजिश की जानकारी मिलने के बाद जिला आसूचना इकाई एसटीएफ और नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई और तकनीकी अनुसंधान तथा मोबाइल सर्विलांस के जरिए आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी गई।
सदर डीएसपी आनंद कुमार पांडे ने प्रेस वार्ता में बताया कि कार्रवाई के दौरान सबसे पहले सिंघौल थाना क्षेत्र के मचहा निवासी पवन सिंह के पुत्र निगम कुमार को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में निगम कुमार ने स्वीकार किया कि वह जेल में बंद कुख्यात अपराधियों के संपर्क में था और रामदीरी के दबंग मुखिया मुन्ना सिंह हत्याकांड के गवाह की हत्या के लिए उसे सुपारी दी गई थी। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर शहर में रेकी शुरू कर दी थी।
निगम कुमार की निशानदेही पर पुलिस ने नगर थाना क्षेत्र के हरहर महादेव चौक के पास से उलाव निवासी ओमप्रकाश महतो के पुत्र प्रीतम कुमार को गिरफ्तार किया। उसके पास से एक लोडेड देसी कट्टा और तीन कारतूस बरामद किए गए। पूछताछ में प्रीतम कुमार ने भी गवाह की हत्या की साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार की और बताया कि वह अन्य सहयोगियों के साथ लगातार रेकी कर रहा था।
प्रीतम की जानकारी पर पुलिस टीम ने बड़ी ऐघु दुर्गा स्थान के पास से मटिहानी निवासी रामेश्वर सिंह के पुत्र चंदन कुमार को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके तकिए के नीचे रखे हैंडी बैग से एक देसी पिस्टल एक देसी कट्टा उन्नीस कारतूस और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। इसके बाद गिरफ्तार बदमाशों की निशानदेही पर मचहा निवासी मंटून चौधरी के पुत्र गुलशन कुमार और संजय चौधरी के पुत्र रविश कुमार को भी हिरासत में लिया गया।
सदर डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार सभी शूटरों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। चंदन कुमार के खिलाफ कुल चौदह मामले दर्ज हैं जबकि गुलशन कुमार के खिलाफ दो और रविश कुमार के खिलाफ एक संगीन मामला पहले से दर्ज है। इन पर मुफस्सिल नगर बछवाड़ा और साहेबपुरकमाल थाना क्षेत्रों में भी आपराधिक केस दर्ज रहे हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि जेल के भीतर से साजिश को अंजाम देने में और कौन लोग शामिल थे।
इस पूरे ऑपरेशन में नगर थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार जिला आसूचना इकाई के पुनि वैद्यनाथ कुमार पुअनि सतीश कुमार हिमांशु पुअनि राजीव रंजन टू पुअनि राजेश कुमार एसटीएफ टीम चीता बल और सशस्त्र बल शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी और साजिश से जुड़े सभी लोगों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
