काशी हिंदू विश्वविद्यालय के परिसर में गुरुवार को उस समय तनाव का माहौल बन गया जब रुइया छात्रावास में छात्रों के दो गुटों के बीच मारपीट की घटना सामने आई। दोपहर बाद हुई इस घटना ने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया और विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए। विवाद के बाद आक्रोशित छात्र छात्रावास से बाहर निकल आए और सड़क पर प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने और ठोस कार्रवाई की मांग करने लगे।
बीएचयू रुइया छात्रावास में मारपीट
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार संस्कृतविद्या धर्मविज्ञान संकाय स्थित रुइया छात्रावास के गेट के सामने गुरुवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे दो छात्र गुटों के बीच कहासुनी हुई जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि तीन छात्रों ने एक अन्य छात्र की पिटाई की। इस घटना में दो छात्र घायल हुए जिनमें से एक छात्र के सिर में गंभीर चोट आई। घायल छात्र को तत्काल ट्रॉमा सेंटर भेजा गया जहां उसका इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि विवाद की जड़ में जातिगत टिप्पणी को लेकर हुआ तनाव शामिल है हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मारपीट की सूचना मिलते ही छात्रावास परिसर में अफरा तफरी मच गई और बड़ी संख्या में छात्र रुइया छात्रावास के गेट पर एकत्र हो गए। इसके बाद लगभग पचास से साठ छात्र प्राक्टोरियल बोर्ड से वार्ता करने के लिए पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। घायल छात्र पीयूष तिवारी के समर्थन में अन्य छात्र भी बिरला चौराहे पर जुट गए जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई।
भारी पुलिस बल बीएचयू परिसर में मौजूद
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लंका थाना पुलिस और बीएचयू चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। हालात को देखते हुए पीएसी को भी बुलाया गया। शाम करीब छह बजे पुलिस फोर्स जब बिरला सी क्षेत्र में पहुंची और आरोपित छात्रों की तलाश शुरू की तो छात्रों में एक बार फिर आक्रोश देखने को मिला। पुलिस ने छात्रों को समझाने और स्थिति को शांत करने का प्रयास किया जिसके बाद हालात धीरे धीरे नियंत्रण में आए।
छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं लेकिन प्रशासन की ओर से प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इसी कारण छात्रों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है और आक्रोश गहराता जा रहा है। इस घटना ने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल को भी प्रभावित किया है और छात्र संगठनों में इसे लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है।
लंका थाना प्रभारी के अनुसार पीड़ित छात्र से तहरीर लेकर मुकदमा दर्ज किया जाएगा और मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस दोनों ही स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि परिसर में शांति व्यवस्था बहाल रखी जा सके।
